Mumbai Crime News: मुंबई में मोबाइल ऐप से लाइव आकर अश्लील वीडियो दिखाने के मामला सामने आया है। इसी आरोप में मुंबई पुलिस ने दो महिलाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। वर्सोवा पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, उनकी इंटेलीजेंस को गूगल प्ले स्टोरी पर 'पीहू ऑफिशियल ऐप' के संचालन का इनपुट मिला था। इस एप पर लाइव अश्लील फिल्में देखने के लिए यूजर्स से 1,000 से 10,000 रुपये तक चार्ज किया जा रहा है।
आरोपियों की गिरफ्तारी। (सांकेतिक फोटो)
रविवार को छापेमारी
पीहू ऑफिशियल ऐप से जुड़ा इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने इसी को आधार माना और फिर उसके बाद पुलिस ने रविवार को वर्सोवा के फोर बंगला की एक इमारत में एक फ्लैट पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में सूचना की पुष्टि करने के बाद, वर्सोवा पुलिस ने रविवार को मामले के सिलसिले में रेड मारी और अश्लील एप चलाने वाली दो महिला समेत तीन लोगों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। बकौल, एक अधिकारी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अरेस्ट हुए तीन लोगों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अश्लील हरकतें करने, युवाओं को अश्लील सामग्री बेचने और अश्लीलता में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है।
पहले भी सामने आ चुके मामले
मुंबई के इस मामले पर वर्सोवा पुलिस ने बताया कि, एफआईआर में ऐप के संचालक का भी नाम दिया गया है। बता दें कि, ये कोई पहला हैरान कर देने वाला मामला नहीं है। बल्कि इससे पहले भी इस तरह के केस सामने आ चुके हैं। इस साल की शुरुआत में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बाल अश्लीलता सामग्री रखने और उसे शेयर करने के आरोप में तमिलनाडु के तंजावुर जिले से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि, आरोपी 35 साल का शख्स था और पिछले चार साल से एक बच्चे का यौन शोषण कर रहा था। उसने नाबालिग बच्चे की नग्न वीडियो बनाई और तस्वीरें खींची थीं। इसके बाद दरिंदगी का परिचय देते हुए उसने अपने ऑनलाइन क्लाउड अकाउंट पर सभी फोटो और वीडियो अपलोड कर दिए थे।
