महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में एक साल से अधिक समय से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में हालात कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नाराजगी ने महाराष्ट्र और मुंबई का राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है।
लगातार मीटिंग में नहीं पहुंच रहे एकनाथ शिंदे (फोटो - PTI)
शिंदे हाल ही में चार महत्वपूर्ण बैठकों में नहीं पहुंचे, जिसमें राज्य मंत्रिमंडल की बैठक भी शामिल है। उनकी अनुपस्थिति का कारण स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है, जिसमें उनके करीबी मंत्रियों को जिम्मेदारी नहीं दी गई।
शिंदे की अनुपस्थिति ने कई महत्वपूर्ण बैठकों में चर्चा का विषय बना दिया है, जैसे गणेशोत्सव के लिए कानून-व्यवस्था की समीक्षा और शहरी विकास योजनाओं की बैठक। शिंदे ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी भाग नहीं लिया, जिससे महायुति में तनाव की खबरें और बढ़ गई हैं।
विपक्षी महाविकास अघाड़ी ने इसे गठबंधन में असंतोष का संकेत बताया है। हालांकि, शिंदे ने किसी भी टकराव से इनकार किया है और कहा है कि वे विकास विरोधियों के खिलाफ एकजुट हैं। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक हैं, और इस तनाव ने महायुति की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
