दूषित पानी से 15 लोगों की मौत को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत गर्म है। राज्य में विपक्षी कांग्रेस इसे लेकर भाजपा सरकार पर हमलावर है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने शनिवार को इंदौर में दूषित पानी से हुई घटना को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे सिस्टम की नाकामी और भ्रष्टाचार का नतीजा बताते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। इतना ही नहीं, उन्होंने विधायक और राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की साथ ही चेतावनी दी कि यदि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो 11 जनवरी को इंदौर में राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
जीतू पटवारी ने बोला मोहन सरकार पर हमला।
क्या बोले जीतू पटवारी
जीतू पटवारी ने कहा कि यह सिस्टम की नाकामी है और इसका मुख्य हथियार भ्रष्टाचार है। ठेके और टेंडर जिनके पास हैं,वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं। इस घटना के लिए मेयर, इंदौर नगर निगम आयुक्त और सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। मंत्री (कैलाश विजयवर्गीय)को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक जान के बदले दो लाख रुपये बहुत कम हैं, यह अन्याय है। कांग्रेस पार्टी 11 जनवरी को इंदौर में इसके खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। या तो 11 जनवरी तक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस्तीफा दें,नहीं तो कांग्रेस आंदोलन करेगी। पटवारी ने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाएगी कि मंत्री से इस्तीफा लिया जाए और इंदौर के मेयर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, अन्यथा 11 जनवरी को पूरी कांग्रेस पार्टी इंदौर में प्रदर्शन करेगी।
दिग्विजय सिंह ने भी की आलोचना
इस बीच,कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भी इस घटना को बेहद चौंकाने वाला और निंदनीय बताया। इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इसके अलावा,इंदौर के मेयर,पार्षद और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों का आचरण भी निंदनीय रहा है।
मोहन यादव ने दो अधिकारियों के निलंबन की घोषणा की
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जल प्रदूषण मामले में अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए दो अधिकारियों के निलंबन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूषित पेयजल से हुई घटना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
15 लोगों की मौत
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति से कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक,स्थानीय नागरिकों ने इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में हुई इस घटना में छह माह के बच्चे समेत 15 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है। विभाग के मुताबिक,इस प्रकोप में केवल चार लोगों की मौत हुई है। घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है और जल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
