Gwalior News: मध्य प्रदेश में ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी का एक बेहद बड़ा मामला सामने आया है। ग्वालियर के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) से अज्ञात साइबर ठगों ने करीब सात महीनों में 21 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर ली। प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे प्रदेश में ऑनलाइन निवेश के जरिए हुई सबसे बड़ी साइबर ठगी की घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
ग्वालियर के सीए से 21 करोड़ से ज्यादा की ऑनलाइन ठगी
मामले की शिकायत मिलने के बाद ग्वालियर साइबर सेल ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित सीए अशोक विजयवर्गीय ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र स्थित रोशनीघर रोड के निवासी हैं। वह वर्तमान में मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स के आगामी चुनाव के निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। बताया गया है कि दिसंबर 2025 में उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात महिला ने संपर्क किया और अपना नाम दिव्या सिंह बताया। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच नियमित संवाद होने लगा।
दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच इतने रुपये करवाए ट्रांसफर
पुलिस के अनुसार, महिला ने खुद को निवेश संबंधी जानकारी रखने वाली बताते हुए ऑनलाइन निवेश के जरिए कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके के बाद उसने अलग-अलग माध्यमों से निवेश कराने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसी दौरान दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच अशोक विजयवर्गीय से कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। जांच में सामने आया है कि पीड़ित के चार अलग-अलग बैंक खातों से 76 बैंक खातों में 100 से अधिक वित्तीय लेनदेन किए गए। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब पौने दो करोड़ रुपये की राशि होल्ड करवा दी है, ताकि आगे की वित्तीय हानि को रोका जा सके।
तकनीकी और वित्तीय दोनों स्तरों पर विस्तृत जांच जारी
साइबर सेल अब उन सभी बैंक खातों के खाताधारकों की पहचान और पते की जानकारी जुटा रही है, जिनमें यह रकम भेजी गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही विशेष टीमें विभिन्न राज्यों में भेजी जाएंगी, जहां संबंधित खाताधारकों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही व्हाट्सएप नंबर और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी महिला और उसके नेटवर्क की पहचान करने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। पीड़ित सीए अशोक विजयवर्गीय ने घटना की पुष्टि की है, हालांकि उन्होंने जांच का हवाला देते हुए इस मामले पर सार्वजनिक रूप से अधिक टिप्पणी करने से इनकार किया। वहीं, साइबर सेल के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और वित्तीय दोनों स्तरों पर विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन की कड़ियों के आधार पर आरोपियों तक जल्द पहुंच बनाई जा सकेगी। फिलहाल पूरा मामला ग्वालियर साइबर सेल थाना क्षेत्र में दर्ज कर जांच के दायरे में है।
