मानसून ने पकड़ी रफ्तार! यूपी से ओडिशा तक भारी बारिश का कहर; असम में बाढ़ से 105 मौतें, कोलकाता भी बेहाल

मानसून के सक्रिय सिस्टम के चलते उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक बारिश का दौर तेज है, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। यूपी में अगले कई दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं, जबकि कोलकाता में लगातार बारिश से यातायात और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। असम में बाढ़ से अब तक 105 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं उत्तर ओडिशा में करीब पांच लाख लोग प्रभावित हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है।

Monsoon 2026: मानसून की सक्रियता के चलते देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है और कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तर प्रदेश में कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला बने रहने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल में लगातार बारिश से कोलकाता और आसपास के इलाकों में जलभराव और यातायात की समस्या बढ़ गई है। असम में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार के बावजूद एक और मौत के बाद इस साल मृतकों की संख्या 105 पहुंच गई है। उत्तर ओडिशा में बाढ़ से करीब पांच लाख लोग प्रभावित हैं और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने यूपी, पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

Monsoon 2026

देश के कई राज्यों में आसमान से आफत की बारिश! (AI फोटो)

पूरे यूपी में भारी बारिश रहेगी जारी

उत्तर प्रदेश में सोमवार को व्यापक बारिश हुई, कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई, जबकि लखनऊ में दिन भर लगातार बारिश होती रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सप्ताह के दौरान राज्य भर में सक्रिय मानसून की स्थिति जारी रहने का अनुमान जताया है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश अधिक प्रभावित क्षेत्र रहने की संभावना है। लखनऊ में आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि सोमवार सुबह 8.30 बजे समाप्त 24 घंटों में, कुछ स्थानों पर 115.6 मिलीमीटर से 204.4 मिलीमीटर तक बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई, जिसमें सोनभद्र के चुर्क में 147.2 मिलीमीटर, बरेली के बहेरी में 14 मिलीमीटर और प्रयागराज के कोरांव में 126 मिलीमीटर बारिश हुई। विभाग ने बताया कि कई अन्य स्थानों पर भी भारी बारिश दर्ज की गई, जिनमें रॉबर्ट्सगंज (95 मिमी), रायबरेली (88.4 मिमी), लखीमपुर खीरी के मोहम्मदाबाद (84 मिमी), प्रयागराज के मेजा (75 मिमी), अयोध्या (75 मिमी), प्रयागराज (73.4 मिमी) और उन्नाव के हसनगंज (72 मिमी) शामिल हैं।

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