Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में भारी से अत्यधिक बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है, जबकि कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। उधर, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली के बाढ़ग्रस्त इलाकों में भारतीय सेना ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाकर सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला। लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के बीच प्रशासन और राहत एजेंसियां हालात पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के तीन से पांच जिलों के कुछ इलाकों में 28 से 31 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
पहाड़ों से मैदान तक मानसून का प्रहार!
हिमाचल में 135 सड़कें बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण राज्य भर में 135 सड़कें बंद हैं। सबसे अधिक 54 सड़कें कुल्लू जिले में बंद हैं। इसके बाद मंडी में 43, शिमला में 15, चंबा में आठ, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में पांच-पांच, सिरमौर में चार और ऊना में एक सड़क बंद है। एसईओसी के आंकड़ों के मुताबिक, खराब मौसम के कारण 38 पेयजल आपूर्ति योजनाएं और 44 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं। राज्य में 30 जून को मानसून के आगमन के बाद से भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। IMD के अनुसार, रविवार शाम तक बीते 24 घंटे में राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सुंदरनगर में सबसे अधिक 65.2 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला मौसम केंद्र ने एक अगस्त तक पूरे राज्य में बारिश का अनुमान जताया है। केंद्र ने 28 जुलाई को शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों के कुछ हिस्सों में; 29 जुलाई को ऊना, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में और 30 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
ओडिशा में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट
वहीं ओडिशा के अधिकतर हिस्सों में 29 जुलाई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने कहा कि ओडिशा के अधिकतर हिस्सों में 29 जुलाई तक भारी बारिश होने का अनुमान है। सोमवार को सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए आईएमडी ने रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल, ढेंकानाल, सोनपुर, बौध और कंधमाल जिलों के लिए भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा नुआपाड़ा, बोलांगीर, कालाहांडी, नवरंगपुर, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 29 जुलाई तक ओडिशा तट और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। राज्य के सभी बंदरगाहों पर स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या-3 (एलसी-3) फहरा दिया गया है। भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर जगतसिंहपुर और मयूरभंज जिला प्रशासन ने सोमवार को सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। मयूरभंज के जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय (प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक) सोमवार को बंद रहेंगे। हालांकि, सभी प्रधानाध्यापकों, प्राचार्यों और शिक्षकों को विद्यालय आना होगा तथा व्हाट्सएप समूह, फोन कॉल, एसएमएस और अन्य उपलब्ध माध्यमों से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को स्कूल बंद रहने की सूचना देनी होगी, ताकि कोई छात्र विद्यालय न पहुंचे। जगतसिंहपुर के जिलाधिकारी ने भी आदेश जारी कर जिले के सभी विद्यालयों, ओडिशा आदर्श विद्यालयों और केंद्रीय विद्यालयों को सोमवार के लिए बंद रखने की घोषणा की है।
गुजरात में 790 से अधिक लोगों को किया गया रेस्क्यू
भारतीय सेना ने दक्षिण गुजरात, अहमदाबाद तथा केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली के बाढ़ प्रभावित इलाकों में व्यापक राहत एवं बचाव अभियान चलाकर जलमग्न और दुर्गम क्षेत्रों में फंसे 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, 21 और 22 जुलाई को दक्षिण गुजरात में हुई मूसलाधार बारिश के बाद राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। पिछले कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 35 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें से सबसे अधिक 29 मौतें वलसाड और नवसारी जिलों में हुई हैं। रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने 23 जुलाई की शाम को मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान शुरू किया। पिछले तीन दिनों के दौरान सेना ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, नागरिक प्रशासन तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई। विज्ञप्ति के अनुसार, नवसारी, वलसाड, वापी, सिलवासा तथा अहमदाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना की कई राहत एवं बचाव टुकड़ियां तैनात की गई हैं। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त टुकड़ियों को भी तैयार रखा गया है। पूरे अभियान के दौरान सेना ने जलमग्न और दुर्गम इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य करते हुए 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। विज्ञप्ति में कहा गया कि चिकित्सा दलों ने जरूरतमंदों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं, जबकि राहत दलों ने प्रभावित लोगों के बीच भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की। सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए नागरिक प्रशासन को भी हरसंभव सहयोग दिया।
