Mansoon 2026 : दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देशभर को कवर कर लिया है।आईएमडी के मुताबिक, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पहुंच गया है, जिसके साथ ही पूरे देश में इसकी दस्तक हो गई है। हालांकि, मानसून के पूरे देश में पहुंचने में एक दिन की देरी हुई है। आईएमडी ने 30 जून को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में जुलाई के शुरुआती सात से 10 दिनों में देशभर में बारिश होने का अनुमान जताया था। फिलहाल, मूसलाधार मानसूनी बारिश ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया, बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए, संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकारी पूरे दिन हालात को सामान्य बनाने की कोशिशों में जुटे रहे।
देशभर में मॉनसूनी तबाही
कई शहरों में सड़कें लबालब
कई शहरों में सड़कें और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए, जिसके चलते लोग घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते नजर आए, जबकि मुख्य मार्गों पर यातायात की रफ्तार बहुत धीमी हो गई। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे रास्ते बंद हो गए, जबकि बाढ़ की वजह से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई और मकानों को नुकसान पहुंचा।
महाराष्ट्र में पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ में उस जगह पर बचाव कार्य बृहस्पतिवार को भी जारी रहा, जहां एक दिन पहले भारी बारिश के कारण कचरे से बिजली पैदा करने वाले संयंत्र में कूड़े का बड़ा ढेर ढहने से एक इमारत गिर गई थी। गुरुवार को इमारत के मलबे से एक शव बरामद किया गया, जबकि करीब आठ लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है। अब तक नौ लोगों को बचाया जा चुका है।
दिल्ली में भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त
दिल्ली में गुरुवार को इस मौसम की सबसे भारी बारिश हुई, जिससे जगह-जगह जल-जमाव हो गया, पेड़ उखड़ गए और लोगों को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा। आईएमडी ने गुरुवार के लिए ’रेड’ अलर्ट जारी किया है। विकास मार्ग, पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, मुनिरका, सदर बाजार और द्वारका से जलभराव की खबरें सामने आईं। दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात की रफ्तार बहुत धीमी रही। जंगपुरा के कुछ इलाकों में पैदल चलने वालों और वाहनों को घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर अपनी गाड़ियों को धक्का देकर ले जाते हुए देखा गया।
गुरुग्राम में ढही अपार्टमेंट की बालकनी
गुरुग्राम में बृहस्पतिवार सुबह भारी बारिश के कारण एक लग्जरी अपार्टमेंट की बालकनी का एक हिस्सा गिर गया। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। निवासियों ने घटना के लिए बिल्डर की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया और पूरी आवासीय परियोजना का संरचनात्मक ऑडिट कराने की मांग की।
एनसीआर में नोएडा, गाजियाबाद, गाजीपुर और फरीदाबाद से भी बड़े पैमाने पर जलभराव और यातायात जाम की खबरें मिलीं। नोएडा में सेक्टर 16, 33, 12, 62 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों सहित कई इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर पर गाजीपुर सीमा के पास भारी जलभराव के कारण दिल्ली-गाजीबाद मार्ग पर लंबा यातायात जाम लग गया। गाजियाबाद जिला प्रशासन ने बारिश से उत्पन्न हालात के चलते सरकारी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी।
गाजियाबाद में बारिश बनी काल
गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में निर्माणाधीन बेसमेंट के पास सड़क का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण धंस गया, जिससे वहां खड़ी एक कार और एक स्कूटर गड्ढे में गिर गए। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। वहीं, एक तीन साल की बच्ची की डूबकर मौत हो गई तो एक सिक्योरिटी गार्ड की पानी में उतरे करंट से मौत हो गई।
राजस्थान में भारी बारिश
राजस्थान में कई जगहों पर भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया। चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर और निम्बाहेड़ा तथा भरतपुर जिले के बयाना में नौ सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो बृहस्पतिवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में राज्य के किसी इलाके में हुई सबसे ज्यादा बारिश थी। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान में 10 जुलाई को भरतपुर संभाग और उससे सटे जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश जारी रहने, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में बारिश कम होने का अनुमान है। विभाग ने कहा कि 11 जुलाई से राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में लगभग एक हफ्ते तक बारिश के सिलसिले में थोड़ी कमी आने की संभावना है।
उत्तराखंड में भारी बारिश
उत्तराखंड के अधिकतर क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया और पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के कारण सौ से अधिक मार्ग अवरूद्ध हो गए। वहीं, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को देहरादून सहित सात जिलों में बहुत भारी वर्षा का ’रेड अलर्ट’ और बाकी जिलों में ’ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी की घोषणा की है। आईएमडी ने अगले 24 घंटे में देहरादून में गरज-चमक और आंधी के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।
केरल में भूस्खलन से मौतें
केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने के कारण आईएमडी ने बृहस्पतिवार को राज्य के तीन जिलों के लिए ’ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया, जिनमें मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड शामिल हैं। विभाग ने राज्य के छह अन्य जिलों-एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड़-के लिए ’येलो अलर्ट’ जारी किया। बारिश की वजह से राज्य के कई हिस्सों में पेड़ उखड़ने और टहनियां टूटने से संपत्ति का नुकसान हुआ। केरल के अलग-अलग इलाकों से सड़कों पर पानी भरने और निचले इलाकों में बाढ़ आने की भी खबरें मिलीं। वायनाड में भूस्खलन वाली जगह से बृहस्पतिवार को दो और शव मिलने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। वायनाड और कोझिकोड के बीच संपर्क बेहतर बनाने के लिए निर्माणाधीन अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना स्थल पर सात जुलाई को भूस्खलन हुआ था।
महाराष्ट्र में मॉनसूनी तबाही
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पिछले हफ्ते मानसून से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 800 लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ा, जबकि मौसम से जुड़ी हालिया घटना में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो लोग झुलस गए। अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश से ठाणे में बड़े पैमाने पर आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिसके कारण आपातकालीन टीमों को 229 परिवारों के 797 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है। ठाणे में भारी बारिश के चलते बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है और जिले में 136 मकान आंशिक रूप से या पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
गुजरात में 9 लोगों की मौत
गुजरात के सूरत में भी भारी बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है। सूरत में बुधवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में 358 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए। अधिकारियों के अनुसार 3,400 से अधिक लोगों को बचाया गया, जबकि 3,800 से ज्यादा लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार बारिश से जुड़ी घटनाओं में बिजली का करंट लगने, पेड़ गिरने और डूबने से नौ लोगों की मौत हो गई। शहर के कई घरों, व्यावसायिक परिसरों और दुकानों में पानी भर गया। वराछा स्थित पोद्दार आर्केड की भूतल की दुकानें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। जलभराव के कारण सिटी बस सहित सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित रहीं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग घुटनों तक पानी में चलते दिखाई दिए।
महाराष्ट्र में वसई-विरार खंड तथा दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण गुजरात की ओर जाने वाली लंबी दूरी की रेलगाड़ियां प्रभावित रहीं। वहीं भोर घाट क्षेत्र में भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका। मुंबई में कुछ समय की राहत के बाद फिर गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। रेल सेवाएं बाधित हैं और भूस्खलन तथा जलभराव से लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। नासिक जिले में लगातार बारिश के कारण गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
जिला प्रशासन ने गोदावरी, कड़वा और गिरणा नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि पालखेड़ और नांदूर मध्यमेश्वर सहित विभिन्न बांधों से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर वे अपने कीमती सामान, पशुधन और अन्य जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। रायगढ़ जिले में उल्हास नदी का पानी रेलवे ट्रैक पर आने के कारण नेरल और कर्जत स्टेशनों के बीच रेल सेवा लगभग एक घंटे तक बाधित रही। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण मुंबई आने वाली नौ उड़ानों को निकटवर्ती हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। बाद में सभी विमान सुरक्षित रूप से मुंबई हवाई अड्डे पर उतर गए। मुंबई में तेज बारिश और आंधी के कारण उपनगरीय लोकल ट्रेनें 25 से 30 मिनट की देरी से चलीं तथा कई इलाकों में जलभराव हो गया।
राजस्थान में मानसून सक्रिय
राजस्थान में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय रहा। कोटा जिले के रामगंजमंडी में सबसे अधिक 10 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। आईएमडी ने अगले दो से तीन दिनों तक राज्य में व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर प्रदेश के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राजस्थान में बारिश का दौर जारी रहेगा। गुरुग्राम में जलभराव के कारण कई स्थानों पर वाहन फंस गए और प्रमुख मार्गों पर यातायात बेहद धीमी गति से चला। नरसिंहपुर के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे की सर्विस लेन, बसई, उमंग भारद्वाज चौक, कादीपुर, सेक्टर-10ए, सोहना रोड सहित कई इलाकों में घंटों तक जाम लगा रहा। जलजमाव और जाम की समस्या को देखते हुए गुरुग्राम यातायात पुलिस ने बुधवार को दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए।
उत्तराखंड में भारी बारिश
उधर, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आईएमडी द्वारा भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का ’ऑरेंज अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद एहतियात के तौर पर नौ जुलाई को कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों तथा सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
हिमाचल प्रदेश में पुल बहा
उधर, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से 100 फुट लंबा लोहे का पुल डूब गया, जिससे लिप्पा गांव का बाकी इलाकों से संपर्क टूट गया। अधिकारियों ने बताया कि लिप्पा पंचायत में पेजर नाले में पानी का बहाव अचानक बहुत बढ़ जाने से टेटी खड्ड का बहाव रुक गया, जिसके कारण लोहे का पुल पूरी तरह पानी में डूब गया। उन्होंने बताया कि पुल के पास बने कई मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। किन्नौर की कई नदियों और नालों में पानी का स्तर सामान्य से काफी ऊपर चला गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। सोलन जिले में कसौली के पास शिलर-पठिया लिंक रोड पर मलबा गिरने से क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ। शिमला मौसम विभाग ने राज्य में कुछ जगहों पर 15 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। बुधवार शाम से ही हिमाचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जबकि शिमला, कांगड़ा और जोट में आंधी और गरज-चमक के साथ छीटें पड़े हैं।
यूपी में बारिश का रेड अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए ’रेड अलर्ट’ जारी किया, जिसमें राज्य भर में मानसून की गतिविधि तेज होने के कारण अगले 24 घंटों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया। वहीं, बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि संत कबीर नगर जिले के अलग-अलग गांवों में बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कुशीनगर में बिजली गिरने से 14 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बुलंदशहर में भारी बारिश के बाद खुर्जा के मुंडाखेड़ा गांव में अस्थायी तंबू पर दीवार गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र-लखनऊ के अनुसार, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं समेत जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। मौसम कार्यालय ने कहा कि 11 जुलाई तक राज्य भर में व्यापक वर्षा होने की उम्मीद है, अगले दो से तीन दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ आंधी चलने की भी संभावना है।
