भगवान बद्रीविशाल के धाम में 'ऑपरेशन प्रहार' से खुला गुमशुदा युवक का रहस्य, महीनों बाद परिवार से हुआ महामिलन

भगवान बद्रीविशाल के धाम से एक भावुक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां ‘ऑपरेशन प्रहार’ के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध साधु के भेष में घूम रहे युवक की पहचान की। तकनीकी मदद और लगातार प्रयासों से उसकी असली पहचान सामने आई, जो एक गुमशुदा तमिल युवक निकला। अंततः लंबे समय बाद वह अपने परिवार से मिला, जिससे पूरे घटनाक्रम ने सभी को भावुक कर दिया।

Badrinath Missing Tamil Youth Reunion: भगवान बद्रीविशाल के पावन धाम से एक भावुक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने कानून की सख्ती के बीच मानवीय संवेदनाओं और पुलिस की सतर्कता की एक अनोखी मिसाल पेश की है। यह मामला तब शुरू हुआ जब बद्रीनाथ क्षेत्र में पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को साधु के भेष में घूमता हुआ एक युवक संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिया। जब उससे पूछताछ की गई, तो वह हिंदी भाषा का एक भी शब्द बोल पाने में असमर्थ पाया गया।

Missing Tamil Youth Reunites With Family at Badrinath

बद्रीनाथ धाम में परिजनों से मिला खोया बेटा

तमिल भाषा बोलने वाला युवक

शक और गहरा होने पर जब मामले की विस्तार से जांच की गई तो पता चला कि संबंधित युवक मूल रूप से तमिल भाषा बोलने वाला है। इसके बाद सबसे बड़ी चुनौती भाषा की समस्या बनकर सामने आई, लेकिन तकनीक ने इस बाधा को भी दूर कर दिया। आरक्षी चंदन सिंह नगरकोटी ने गूगल ट्रांसलेटर की मदद से युवक से बातचीत की और प्रारंभिक जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों के बाद यह पता चला कि युवक तमिलनाडु के मदुरै जिले के असिनपट्टी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। इसके बाद आरक्षी चंदन सिंह नगरकोटी ने प्रयास जारी रखते हुए असिनपट्टी पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कांस्टेबल सेंथिल कुमार से संपर्क स्थापित किया और पूरी जानकारी साझा की।

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