Mirzapur Crusher Plant Accident: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में शनिवार को क्रशर प्लांट पर हुए भीषण हादसे में पुलिस और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने खदान मालिक समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस हादसे में भारी मलबे और मशीन का ढांचा गिरने से चार मजदूरों की मौत हो गई थी। जिसके बाद मृत मजदूर के परिजनों की तहरीर पर अहरौरा पुलिस ने यह कार्रवाई की। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया है।
मिर्जापुर हादसे में बड़ा एक्शन, मालिक समेत 6 लोगों पर FIR
ब्लास्टिंग और कमजोर स्ट्रक्चर बना काल
हादसा अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौतीदेई स्थित क्रशर प्लांट में शनिवार दोपहर हुआ था। जानकारी के अनुसार, क्रेशर प्लांट पर पत्थर तोड़ने के लिए रोजाना की तरह दोपहर करीब 1 से 3 बजे के बीच ब्लास्टिंग की गई थी। एएसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा के अनुसार, प्लांट का एक भारी स्ट्रक्चर (डग) बारिश के कारण पहले से ही कमजोर हो गया था। ब्लास्टिंग के तेज कंपन और डस्ट हटाने के दौरान मशीन का यह भारी हिस्सा तेज आवाज के साथ अचानक भरभराकर गिर पड़ा। जिससे नीचे काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
चारों मजदूरों की गई जान
हादसे के दौरान मलबे और भारी पत्थरों के नीचे दबने से चार मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों और जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले चारों मजदूर सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र स्थित बड़गांवा गांव के रहने वाले थे। जिनकी पहचान लाल बहादुर, अशोक, राकेश और दुर्योधन के रूप में हुई।
परिजनों की तहरीर पर FIR
हादसे के तुरंत बाद कमिश्नर, जिलाधिकारी और एसपी अपर्णा रजक कौशिक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि हादसे के वक्त मौके पर जिम्मेदार प्रबंधन मौजूद नहीं था। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने खदान मालिक और अन्य जिम्मेदार प्रबंधन के 6 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
जांच के लिए टीम गठित
हादसे के बाद जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम यह जांच कर रही है कि क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) का पालन किया जा रहा था, क्या ब्लास्टिंग तय नियमों के तहत हुई थी और कमजोर ढांचे के बावजूद मजदूरों से वहां काम क्यों कराया जा रहा था। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
