Chandigarh News: कांग्रेस नेता और चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश के छात्र और युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध और रोष जाहिर कर रहे थे, तब उनके खिलाफ बर्बर कार्रवाई की गई। तिवारी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाई गईं और पैलेट गन से भी उन्हें घायल किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी (फोटो- PTI)
जंतर-मंतर से उठी चिंगारी धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई
मनीष तिवारी ने कहा कि जंतर-मंतर से उठी चिंगारी धीरे-धीरे पूरे देश में आंदोलन और असंतोष की वजह बन गई। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम का असर सिर्फ छात्रों और युवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके माता-पिता भी इससे प्रभावित हुए और बड़ी संख्या में लोग आंदोलित हुए। तिवारी ने दावा किया कि इसी माहौल का परिणाम है कि बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस से जुड़ रहे हैं।
PUCSC चुनाव का जिक्र करते हुए कही क्या बात?
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव (PUCSC) का जिक्र करते हुए मनीष तिवारी ने विश्वविद्यालय के छात्रों से मतदान के जरिए अपना विरोध दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह खुद और मंच पर मौजूद कई अन्य लोग पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र रह चुके हैं, इसलिए विश्वविद्यालय और उसके छात्रों से उनका विशेष जुड़ाव है।
"पैलेट का जवाब बैलेट दें"
तिवारी ने छात्रों से कहा कि उनके पास दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता का जवाब देने का लोकतांत्रिक मौका है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इस मौके को गंवाना नहीं चाहिए और 'पैलेट का जवाब बैलेट से' देना चाहिए। उन्होंने कहा कि PUSU चुनाव के जरिए दिल्ली में बैठी सरकार तक यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि पंजाब के छात्र अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग हैं। इस दौरान उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इसका इतिहास लाहौर से जुड़ा है और आज यह पूरे उत्तर भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों में गिना जाता है। गौरतलब है कि, पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव (PUCSC) के लिए मतदान 31 अगस्त 2026 को होना है, जिसके लिए प्रचार शनिवार को खत्म हो गया।
