Heatwave: महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। भीषण लू और तेज धूप के चलते पूरा इलाका तप रहा है। चंद्रपुर जिले में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि कई जिलों में 45 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज किया गया।
भीषण गर्मी से तप रहा महाराष्ट्र (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कहां कितना रहा तापमान
नागपुर, चंद्रपुर और वर्धा जैसे जिलों में पारा 46 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। वहीं, अमरावती, भंडारा और यवतमाल में तापमान 45 डिग्री के पार दर्ज किया गया, जबकि चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी में लोगों को सबसे ज्यादा 47.1 डिग्री सेल्सियस तापमान की मार झेलनी पड़ी।
आमतौर पर मई के आखिरी सप्ताह में मौसम विकराल रूप देखने को मिलता है, लेकिन इस बार 21 मई को ही तापमान ने 47 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर दिया। भीषण गर्मी और लू की वजह से लोगों का दिन में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं से डीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है।
तेज धूप में न निकलें
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, नागपुर के मौसम विज्ञानी प्रवीण कुमार ने ANI से बात करते हुए कहा, "पूर्वी विदर्भ क्षेत्र में तापमान लगभग 46-47 डिग्री सेल्सियस है। अनुमान है कि अगले 5-7 दिनों तक कुछ जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी रहेगा, क्योंकि तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।" कुमार ने चेतावनी दी कि अगले तीन से पांच दिनों तक विदर्भ के कई जिलों में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी।
विदर्भ के प्रमुख जिलों का तापमान
| जिले | तापमान |
| अकोला | 44.9°C |
| अमरावती | 45.8°C |
| भंडारा | 45.0°C |
| बुलढाणा | 41.0°C |
| चंद्रपुर | 46.8°C |
| गडचिरोली | 46.4°C |
| गोंदिया | 45.2°C |
| नागपुर | 46.0°C |
| वर्धा | 46.4°C |
| वाशिम | 42.6°C |
| यवतमाल | 45.0°C |
क्या है हीटवेव?
मौसम विभाग के मुताबिक, मैदानी इलाकों में जब तापमान अधिकतम 40 डिग्री, तटीय क्षेत्रों का तापमान 37 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो हीटवेव चलने लगती है। आसान भाषा में जिसे लू कहा जाता है। अगर तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक हो जाता है तो भीषण गर्मी की लहर घोषित की जाती है। यानी अगर तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो इसे भीषण लू की श्रेणी में रखा जाता है।
