Shaista Parveen: बेटा असद अहमद 13 अप्रैल को झांसी में पुलिस के हाथों मारा गया। खबर उड़ी कि उसकी मां शाइस्ता परवीन जनाजे में पहुंचेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके दो दिन बाद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में पुलिस हिरासत में सनसनीखेज तरीके से हत्या कर दी गई। 16 अप्रैल को दोनों को दफनाने की तारीख तय हुई। फिर खबर उड़ी कि शाइस्ता अतीक को दफनाए जाने के दौरान कब्रगाह जरूर पहुंचेगी, लेकिन इस बार भी वह नजर नहीं आई। अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर शाइस्ता परवीन कहां है।
अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन
16 अप्रैल को सरेंडर करने की बात उड़ी थी
अतीक अहमद के वकील ने कहा था कि शाइस्ता अपने पति अतीक के जनाजे में शामिल होना चाहती है और 16 अप्रैल को सरेंडर करेगी। लेकिन न तो उसने सरेंडर किया और न ही अतीक को दफनाए जाने के दौरान कब्रिस्तान पहुंची। इसी के साथ सवाल उठने लगे कि अपने दो सबसे करीबियों की मौत पर भी वह आखिरी वक्त पर उन्हें देखने क्यों नहीं पहुंची। क्या शाइस्ता को भी डर है कि उस पर भी हमला न हो जाए।
#WATCH | UP: Mafia-turned-politician Atiq Ahmed and his brother Ashraf, who were shot dead yesterday amid police pr… t.co/5mZMsJ2xfo
— ANI (@ANI) Apr 16, 2023
शाइस्ता का नाम उमेश पाल हत्याकांड में एक साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया है। उमेश पाल की पत्नी जया पाल की तहरीर पर प्रयागराज के धूमलगंज पुलिस ने इस हत्याकांड में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, दो बेटों, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और 9 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद से आठ में से छह आरोपियों को मारा जा चुका है।
कब्रिस्तान नहीं पहुंची शाइस्ता
हत्याकांड के बाद से शाइस्ता भी फरार है। खबर उड़ी थी कि वह 16 अप्रैल को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचेगी जहां अतीक और अशरफ को दफनाया जा रहा था। पुलिस भी मुस्तैद थी, लेकिन शाइस्ता नहीं पहुंची। अतीक-अशरफ के अंतिम संस्कार में सिर्फ करीबी रिश्तेदारों को ही आने की इजाजत थी। कब्रिस्तान में अतीक की बहनें, दो नाबालिक बेटे मो. अहजम और मो. आबान, दो बेटियां ही पहुंचीं। इसके अलावा कुछ और करीबी रिश्तेदार भी यहां पहुंचे थे।
प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में जब अतीक अहमद को दफनाने की तैयारी चल रही थी तो कुछ महिलाएं वहां पहुंच गईं। कयास लगाए जा रहे थे कि उनमें से एक अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन है। सभी महिलाओं ने बुर्का पहन रखा था, कुछ मीडिया ने दावा किया कि शाइस्ता भी इनमें मौजूद है और दफन पूरा होने के बाद वह आत्मसमर्पण कर देंगी। लेकिन ये सिर्फ कयास ही साबित हुए। दिन भर जोर-शोर से चली खबर गलत साबित हुई। शाइस्ता पति के आखिरी दफन कार्यक्रम में भी नहीं पहुंची।
शाइस्ता पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित
शाइस्ता परवीन पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उस पर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप है। बीच में मीडिया में ये खबर भी उड़ी की शाइस्ता अपने नाबालिक बेटों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है जो अभी बाल सुधार गृह में हैं। इसके लेकिन उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी भी लिखी थी। लेकिन ये सिर्फ कयास ही साबित हुए। शाइस्ता अब तक फरार है और पुलिस के लिए उसे ढूंढ़ना टेड़ी खीर साबित हो रहा है।
