Special Train for Kumbh 2025: वर्ष 2025 में कुंभ मेले के आयोजन किया जाएगा। कुंभ मेले को लेकर यूपी सरकार की तैयारी और तेज हो गई है। किसी प्रकार की कोई कमी न रह जाए, इसे ध्यान में रखते हुए तैयारी की जा रही है। इस बीच रेल मंत्रालय भी कुंभ मेले को लेकर यात्रियों के लिए व्यापक व्यवस्था कर रहा है। ताकि श्रद्धालुओं के साथ मेले में शामिल होने के लिए अन्य देशों से आने वाले पर्यटकों को भी किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। रेल मंत्रालय द्वारा भारत के सबसे बड़े मेले के लिए कई विशेष ट्रेनों का संचालन करने की तैयारी की जा रही है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कुंभ मेले के लिए 992 विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
कुंभ मेले के लिए विशेष ट्रेन का संचालन
भारत का सबसे बड़ा मेला 'कुंभ मेला'
कुंभ मेले को भारत का सबसे बड़ा मेला माना जाता है। यह एक धार्मिक समागम है, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं। कुंभ मेले का आयोजन हर 12 साल में किया जाता है। ये संगम नगरी के नाम से प्रसिद्ध शहर प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा। इसकी शुरुआत 12 जनवरी 2025 से होगी और महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी 2025 को संपन्न होगा।
बुनियादी ढांचे और पटरियों के दोहरीकरण के लिए करोड़ों निर्धारित किए गए
रेल मंत्रालय इस विशाल धार्मिक समागम (कुंभ 2025) के लिए 992 विशेष रेलगाड़ियां चलाने की योजना बना रहा है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विशेष रेलगाड़ियां चलाने के अलावा मंत्रालय ने यात्रियों के लिए विभिन्न बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के निर्माण और उन्नयन के लिए 933 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इसके अलावा प्रयागराज मंडल और आसपास के क्षेत्रों में ट्रेनों की सुचारू आवाजाही के लिए 3,700 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे पटरियों का दोहरीकरण तेजी से किया जा रहा है।
विशेष ट्रेनों का किया जाएगा संचालन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और दो रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और वी सोमन्ना ने 12 जनवरी से शुरू होने वाले कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए शनिवार को बैठकें की। अधिकारी ने कहा कि “वह तैयारी का जायजा लेने के लिए उत्तर रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर पूर्वी रेलवे से संबंधित जोन के महाप्रबंधकों सहित वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ नियमित रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंस भी करते हैं।” अधिकारी के अनुसार, प्रयागराज, वाराणसी, दीन दयाल उपाध्याय और लखनऊ जैसे संबंधित रेलवे मंडलों के मंडल प्रबंधक भी विभिन्न विकास कार्यों पर नियमित अपडेट प्रदान करने के लिए इन बैठकों में भाग लेते हैं। इस आयोजन में 30 से 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इसलिए रेल मंत्रालय ने प्रयागराज के लिए विभिन्न शहरों से 6,580 नियमित ट्रेनों के अलावा 992 विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है।
(इनपुट - भाषा)
