मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 22 सितंबर 2025 से शुरू हुआ मिशन शक्ति 5.0 महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 90 दिनों की कार्ययोजना के तहत पहले चरण में 826 विकास खंडों में 52,042 महिला मंगल दल सक्रिय हुए। इन मंगल दलों ने महिला स्वास्थ्य, साइबर क्राइम, लैंगिक दुर्व्यवहार और सामाजिक कुरीतियों पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए।
महिला सशक्तिकरण के लिए चलाया जा रहा मिशन शक्ति 5.0
पहले चरण में 22 से 27 सितंबर तक 7 लाख, 53 हजार, 071 लोगों तक पहुंच बनाई गई, जो इस अभियान की व्यापकता को दर्शाता है।
बहुआयामी जागरुकता अभियान
पूरे उत्तर प्रदेश में साइक्लोथॉन और नुक्कड़ नाटकों के जरिए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को समाज की साझा जिम्मेदारी बनाया गया। डीएम और ग्राम प्रधान के नेतृत्व में आयोजित साइक्लोथॉन ने जागरुकता की गति बढ़ाई, जबकि नुक्कड़ नाटकों ने शिक्षा, स्वास्थ्य व कार्यस्थल पर लैंगिक असमानता की समस्याओं को उजागर किया। इन कार्यक्रमों में समान अवसर और सम्मानजनक वातावरण का संदेश दिया गया। सोशल मीडिया कैंपेन ने जन्म/मृत्यु दर, लिंगानुपात, स्कूल ड्रॉपआउट और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर भी जागरुकता फैलाई।
नवरात्रि में विशेष जागरुकता
नवरात्रि के अवसर पर मोबाइल वैन, कैनोपी और स्टॉल के जरिए बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना जैसी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया। महिला मंगल दलों ने 43 स्थानों पर 2,405 सदस्यों के साथ महिला स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी।
योगी सरकार चला रही जागरुकता अभियान
सफलता और भविष्य की दिशा
महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने बताया कि मिशन शक्ति 5.0 का लक्ष्य हर महिला और बच्ची को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाएं तभी प्रभावी होंगी जब समाज इनके क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदार बने। नवरात्रि में आयोजित जागरुकता कार्यक्रमों ने इस सामाजिक क्रांति को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
