मुजफ्फरनगर दंगा: अदालत ने सबूतों के अभाव में 8 लोगों को किया बरी, लूट-आगजनी का था आरोप

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 1, 2023, 04:48 PM IST

Muzaffarnagar Riots: मुजफ्फरनगर की एक स्थानीय अदालत ने सबूतों के अभाव के कारण आठ लोगों को बरी कर दिया है। दरअसल, यह सभी 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी थे। इन सभी पर दंगों के दौरान लूट और आगजनी का मामला दर्ज किया गया था।

Muzaffarnagar Riots: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक स्थानीय अदालत ने सबूतों के अभाव के कारण आठ लोगों को बरी कर दिया है। दरअसल, यह सभी 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी थे। इन सभी आरोपियों के खिलाफ लूट और आगजनी का मामला दर्जा किया गया था। लेकिन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका भारती ने शनिवार को आठ अभियुक्तों आजादपाल, जितेंद्र, पारुल, विकास, गौरव, कुलदीप, संजय और मिथलेश को लूट और आगजनी के मामले में सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

मुजफ्फरनगर दंगा: अदालत ने सबूतों के अभाव में 8 लोगों को किया बरी, लूट-आगजनी का था आरोप

मुजफ्फरनगर दंगा: अदालत ने सबूतों के अभाव में 8 लोगों को किया बरी, लूट-आगजनी का था आरोप (प्रतीकात्मक तस्वीरः Pixabay)

घर में घुसकर लगा दी थी आग

दरअसल, अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपने आरोप साबित करने में विफल रहा है। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप कुमार मलिक के अनुसार, आठ सितंबर 2013 को अकरम नामक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दंगाइयों ने फुगाना पुलिस स्टेशन के अंतर्गत लिसाढ़ गांव में उसके घर में घुसकर आग लगा दी थी और सामान लूट लिया था।

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