Fake Bilseri Bottles in Baghpat: पानी की बोतल के फेमस ब्रांड बिसलेरी की जगह मार्केट में अक्सर इससे मिलते-जुलते नाम की बोतलें देखने को मिल जाती है। बाजार में धड़ल्ले से इन नकली ब्रांड की बोतलों की बिक्री हो रही है। ऐसी ही नकली बिसलेरी की एक बोतल बागपत के डीएम के सामने पहुंच गई। जिसे देख डीएम भड़क गए, उन्होंने इसकी जांच करवाई। जिसके बाद गोदाम पर छापेमारी कर हजारों नकली बोतलों को जब्त कर नष्ट करवा दिया।
बिसलेरी से मिलते-जुलते नाम की बोतलें (सांकेतिक फोटो)
कैसे पहुंची डीएम के पास नकली बोतल
बागपत के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और एसपी अर्पित विजयवर्गीय बागपत तहसील संपूर्ण समाधान दिवस और हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले की सीमा पर बनी पुलिस चौकी निवाड़ा पहुंचे। जहां उनके सामने 500 एमएल की पानी की बोतल रखी गई। लेकिन यह बोतल बिसलेरी की बजाय उससे मिलते-जुलते नाम की थी। जिसपर खाद्य लाइसेंस नंबर और कोई अन्य प्रमाण भी नहीं था। डीएम ने जब बोतल की पड़ताल की तो ये बिसलेरी की नकली बोतल निकली। जिसके बाद उन्होंने तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को बुलाया और उन्हें पानी की शुद्धता की जांच के आदेश दिए।
नकली बोतलों पर चला बुलडोजर
डीएम के आदेश पर बिसलेरी की नकली बोतल सप्लाई करने वाले सप्लायर के गोदाम पर छापा मारा गया। बागपत के गौरीपुर जवाहर नगर गांव के निवासी भीम सिंह के गोदाम पर यह छापा पड़ा। यहां लाइसेंस के बिना ही घर में पानी की बोतलों का गोदाम बना था। जहां से नकली ब्रांड की सप्लाई जिले के अन्य इलाकों में दुकानों पर होती थी। डीएम ने गोदाम पर तुरंत एक्शन लेते हुए इसे बंद करने के निर्देश दिए। साथ ही तत्काल प्रभाव से ब्रिकी पर रोक भी लगाई। इस गोदाम से करीब 2663 नकली पानी की बोतलें मिली। डीएम के निर्देश पर इन बोतलों को बुलडोजर चलाकर नष्ट कर दिया गया।
हरियाणा से आती है नकली नाम की बोतलें
इस मामले में गोदाम के मालिक भीम सिंह ने पूछताछ में बताया कि नकली ब्रांड की पानी की बोतलें हरियाणा से उसे कोई लाकर देता है। जिन्हें वह बागपत, बड़ौत और आसपास के इलाकों में दुकानदारों को बेच देता है। दरअसल ज्यादा मुनाफे के चक्कर में लोग बिसलेरी से मिलते-जुलते नाम की बोतलों को बेचते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिसलेरी की बोतलें 140 रुपये दर्जन में मिलती है और बाजार में 20 रुपये की एक बोतल बेची जाती है। वहीं नकली नाम वाली बोतलों को 90 रुपये दर्जन में खरीद कर इन्हें 20 रुपये में लोगों को बेचा जाता है। लोग मिलते-जुलते नाम के कारण इन बोतलों पर ध्यान नहीं दे पाते और नकली ब्रांड की बोतलें खरीद लेते हैं। जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ता है।
