Lucknow News: लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र में 18 वर्षीय इंटर की छात्रा के साथ गंभीर अपराध की घटना सामने आई है। 15 अक्टूबर की रात, कुछ युवक और एक युवती ने उसे लिफ्ट देने के बहाने जबरन कार में बैठा लिया। आरोप है कि उसे नशीली चाय पिलाकर चार दिन तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। बाद में एक आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता ने 22 अक्टूबर को मड़ियांव थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद गुरुवार को पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र ने पुष्टि की कि पीड़िता इंटर की छात्रा है।
लखनऊ में गैंग रेप का मामला
चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया
15 अक्टूबर को एक 18 वर्षीय छात्रा, पारिवारिक नाराजगी के चलते स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन स्कूल पहुंचने के बाद वह अपनी सहेली के साथ बीबीडी क्षेत्र घूमने चली गई। दोपहर में घर लौटने के बाद वह अकेले गोमतीनगर की ओर निकल गई। रात में जब वह ऑटो से घर लौट रही थी, तो खुर्रमनगर के पास ऑटो चालक ने रास्ता भटका दिया, जिससे छात्रा ने ऑटो छोड़ दिया। इसी दौरान एक कार वहां आकर रुकी, जिसमें दो युवक और एक युवती मौजूद थे। उन्होंने छात्रा को घर तक छोड़ने की बात कही, लेकिन छात्रा ने मना कर दिया। युवती ने भरोसा दिलाकर उसे जबरन कार में बैठा लिया। आरोप है कि कार में उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया और बाद में एक फ्लैट में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। कुछ समय बाद एक अन्य युवक भी वहां पहुंचा और उसने भी छात्रा के साथ दुष्कर्म किया।
चार दिन तक पीड़िता को बंधक बनाकर रखा
छात्रा ने बताया कि घटना के दौरान आरोपी एक-दूसरे को अंशुमान, जुनैद और शिवांश नाम से पुकार रहे थे। सामूहिक दुष्कर्म के बाद अंशुमान और शिवांश फ्लैट से चले गए, जबकि जुनैद छात्रा को एक अन्य मकान में ले गया और वहां कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने छात्रा को धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा। चार दिन तक उसे बंधक बनाकर रखने के बाद, 18 अक्टूबर की दोपहर को जुनैद ने कुर्सी रोड पर उसे छोड़ दिया और फरार हो गया। छात्रा वहां से अपनी सहेली के घर पहुंची, जहां से परिजन उसे साथ ले गए।
दो आरोपी हुए गिरफ्तार
मड़ियांव क्षेत्र के इंस्पेक्टर के अनुसार, छात्रा के लापता होने पर परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 18 अक्टूबर को जब वह घर लौटी, तो परिजन उसे थाने ले गए, लेकिन डर के कारण वह कुछ नहीं बोल पाई। अगले दिन, 19 अक्टूबर को जुनैद ने उसे फोन और मैसेज के जरिए धमकी दी, जिसके बाद छात्रा ने परिजनों को पूरी घटना बताई। 22 अक्टूबर को परिजन दोबारा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को महानगर निवासी अंशुमान और सर्वोदयनगर निवासी जुनैद को गिरफ्तार कर लिया। अंशुमान एक निजी विश्वविद्यालय में एलएलबी का छात्र है और उसके पिता राजेश वायरलेस विभाग में कार्यरत हैं। जुनैद बढ़ई का काम करता है। पुलिस अब शिवांश और कार में मौजूद युवती की तलाश कर रही है।
