दार्जिलिंग के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में अब महिलाओं के पहनावे को लेकर नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। मंदिर प्रबंधन समिति ने साफ निर्देश दिया है कि मंदिर परिसर में शॉर्ट्स, स्कर्ट या छोटे ड्रेस पहनकर आने वाली महिलाओं को प्रवेश नहीं मिलेगा। इस संबंध में मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक बोर्ड भी लगाया गया है। इस बोर्ड पर लिखा है — “Ladies wearing short skirts/dress not allowed in Mahakal Mandir premises” यह कदम महाकाल मंदिर पूजा समिति और वेलफेयर सोसाइटी द्वारा उठाया गया है।
छोटे कपड़े पहनकर आने वाली महिलाओं को मंदिर में नहीं मिलेगा प्रवेश
समिति के सदस्यों का कहना है कि यह निर्णय इस संदेश को मजबूत करने के लिए लिया गया है कि महाकाल मंदिर केवल एक पर्यटक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। इसलिए यहां आने वाले लोगों को मर्यादित और सुसंस्कृत वस्त्र पहनने चाहिए। पूजा समिति के एक सदस्य ने कहा, “यह नैतिकता थोपी नहीं जा रही, न ही किसी महिला की स्वतंत्रता पर रोक है। यह कदम केवल मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।”
किराए पर मिलेगी लंबी स्कर्ट
हालांकि, जिन महिलाओं को नए ड्रेस कोड की जानकारी नहीं है, मंदिर समिति ने उनका भी ध्यान रखा है। उन महिलाओं के लिए मंदिर परिसर के पास पारंपरिक परिधान या लंबी स्कर्ट किराए पर उपलब्ध कराई जा रही है। मंदिर समिति के एक सदस्य ने बताया कि “जो श्रद्धालु ड्रेस कोड के अनुरूप कपड़े नहीं पहने हैं, वे मंदिर के पास से लंबा वस्त्र किराए पर लेकर अंदर जा सकते हैं।” यह इसलिए किया गया है ताकि मंदिर पहुंची महिला श्रद्धालु भी दर्शन कर सकें। दार्जिलिंग के ऑब्जर्वेटरी हिल पर स्थित महाकाल मंदिर हिंदू और बौद्ध धर्म के सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। वर्षों से यहां दोनों धर्मों के अनुयायी मिलजुलकर पूजा करते हैं, और यह ड्रेस कोड उसी धार्मिक गरिमा को बनाए रखने का प्रयास है।
