Kanpur News: लगातार बढ़ रहे पांडु नदी के जलस्तर ने कानपुर के निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। नदी का पानी तेजी से रिहाइशी बस्तियों में प्रवेश कर रहा है, जिससे मर्दनपुरवा, मायापुरम, गुजैनी, पिपौरी गांव, गोपालपुरम, जरौली फेज-2 और मेहरबान सिंह का पुरवा समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की विकट स्थिति बन गई है। कहीं घरों में पानी घुस जाने से गृहस्थी तबाह हो गई है, तो कहीं रास्ते डूब जाने के कारण गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
कानपुर में उफनाई पांडु नदी
NDRF का देर रात रेस्क्यू ऑपरेशन: 85 से ज्यादा परिवारों को निकाला
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची और युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पांडु नदी का पानी भरने से ग्राम पिपौरी में करीब 60 परिवार पानी के बीच घिर गए थे। NDRF की टीम ने देर रात तक नौकाओं और लाइफ जैकेट की मदद से 55 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शेष फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान जारी है। NDRF ने गोपालपुरम और जरौली फेज-2 में फंसे करीब 30 परिवारों को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए लोगों को पास ही एक गेस्ट हाउस में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र में ठहराया गया है, जबकि कई परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां आश्रय ले रहे हैं।
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हाईवे किनारे पन्नी डालकर गुजर रही रात
पांडु नदी का पानी बढ़ने के साथ ही प्रभावित लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई और जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। कई प्रभावित परिवार सिर छिपाने की जगह न मिलने के कारण हाईवे के किनारे तिरपाल और पन्नी डालकर रात गुजारने को मजबूर हैं। बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंच जाने से बड़े पैमाने पर फसलें डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस स्थिति में सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को लेकर हो रही है। प्रभावित इलाकों में पीने के साफ पानी, भोजन और दवाओं का संकट गहराने लगा है।
प्रशासन की अपील: नदी किनारे जाने से बचें
प्रशासन ने जलभराव और बाढ़ से प्रभावित सभी स्थानों पर चौबीसों घंटे निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा के मद्देनजर नदी के पास या गहरे पानी वाले रास्तों पर जाने से बचें और राहत टीमों द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
