कल का मौसम 26 अक्टूबर 2025: बंगाल की खाड़ी में एक्टिव सिस्टम से बढ़ी चिंता, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट; राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज

Kal Ka Mausam, 26 अक्टूबर 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर और उत्तर भारत तक कहीं भारी बारिश तो कहीं तापमान में गिरावट देखी जा रही है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा की संभावना है। वहीं, दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुकी है, जबकि उत्तर भारत के कुछ इलाकों में सर्दी के असर के संकेत मिलने लगे हैं।

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): मौसम का उतार-चढ़ाव इन दिनों पूरे देश में बना हुआ है। बात अगर पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम की करें तो, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (7 से 20 सेंटीमीटर) दर्ज की गई है। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल के कुछ इलाकों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा (7 से 11 सेंटीमीटर) दर्ज की गई है। मौसम विभाग की हाल फिलहाल की वेदर रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में शनिवार को बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते ओडिशा में 27 अक्टूबर से अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी किया गया है।

Kal Ka Mausam 26 October 2025

कल का मौसम 26 अक्टूबर 2025

नवीनतम अपडेट में मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना यह निम्न दबाव अब पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए अवदाब में बदल गया है। यह प्रणाली फिलहाल पोर्ट ब्लेयर से लगभग 420 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और गोपालपुर (ओडिशा) से करीब 1,040 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में स्थित है। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती ने कहा कि इसका प्रमुख प्रभाव तटीय आंध्र प्रदेश पर पड़ सकता है, जबकि ओडिशा में तेज हवाओं, भारी वर्षा और गरज-चमक के साथ तूफान की संभावना है। इस बीच, राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि भूस्खलन की संभावना वाले जिलों गजपति, कंधमाल, कोरापुट, मलकानगिरी और नवरंगपुर के प्रशासन को स्थिति पर करीबी नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

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