Aaj Ka Mausamm (आज का मौसम कैसा रहेगा) : साल 2025 का आखिरी दिन मौसम के लिहाज से काफी दुश्वारियां पैदा कर सकता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान (IMD) है कि नए साल के स्वागत में बादल बरस सकते हैं। 31 दिसंबर से लेकर 2 जनवरी तक पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव रहेगा, जिसके कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले स्थानों के साथ मैदानी इलाकों पर भी बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। करीब 72 घंटे तक इन राज्यों में बादल छाए रहेंगे और बारिश व बर्फबारी की संभावना है। इस मौसम के आंशिक असर से हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों पर बादल बरस सकते हैं। वहीं, पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर में भी बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की उम्मीद कम है। हालांकि, उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में भीषण कोहरा छाया रहेगा और शीतलहर के कारण सर्दी का कहर जारी रहेगा। घने कोहरे से विजिबिलिटी कम रहेगी और ट्रेनें कई घंटे देरी से चलती नजर आएंगी और सड़क यातायात व हवाई सेवाएं भी प्रभावित रहेंगी। स्काईमेट ने बताया कि अगले 48 घंटो तक तमिलनाडु, कर्नाटक और लक्ष्यद्वीप के तटीय इलाकों तेज आंधीनुमा हवाएं एवं मध्यम वर्षा का अलर्ट है।
कल का मौसम
दिल्ली में मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मौसम काफी सर्द है और वातावरण में कोहरे की चादर नजर आ रही है। फिलहाल, अगले 2 दिन में आंशिक तौर पर बदली छाए रहने की संभावना जताई गई है, लेकिन छिटपुट बूंदाबांदी के अतिरिक्त बारिश को लेकर कोई बड़ी चेतावनी नहीं है। आईएमडी ने 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक बादलों के मौजूदगी में तापमान स्थिर रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। हालांकि, सुबह से घना कोहरा छाए रहने की संभावना, जिसका प्रभाव आम जनजीवन पर पड़ेगा। बहरहाल, प्रदूषण के स्तर में कमी आने के संकेत नहीं हैं। दिल्ली के अधिकांश भागों पर एक्यूआई 350 के ऊपर या उससे अधिक गंभीर श्रेणी में भी बना रह सकता है। अगर, अगले 2 दिन में हल्की बारिश की गतिविधियां होती हैं तो पॉल्यूशन पर थोड़ा ब्रेक लग सकता है।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 8°C | 21°C |
| मुंबई | 20°C | 27°C |
| चंडीगढ़ | 8°C | 19°C |
| जयपुर | 9°C | 22°C |
| भोपाल | 10°C | 25°C |
| लखनऊ | 8°C | 19°C |
| पटना | 9°C | 18°C |
| कोलकाता | 11°C | 21°C |
| देहरादून | 8°C | 18°C |
| शिमला | 7°C | 17°C |
| कश्मीर | 3°C | 9°C |
राजस्थान में मौसम का हाल
राजस्थान के अधिकांश जिलों में घना कोहरा और शीतलहर के कारण मौसम काफी सर्द है। हालांकि, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में हल्की बढ़ोतरी से ठंड से मामूली राहत भी है। मौसम विभाग ने बताया कि सीकर में सबसे कम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस और टोंक 4.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। पाली में 6.7 डिग्री, अलवर में 6.9 डिग्री, पिलानी में 7 डिग्री, चुरू में 7.1 डिग्री, झुंझुनूं में 8.1 डिग्री और जयपुर में 9.7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के असर से 31 दिसंबर को अजमेर मंडल, बीकानेर, जोधपुर और शेखावाटी क्षेत्र और जनवरी को जयपुर, भरतपुर और बीकानेर मंडलों में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। राज्य के अधिकतर जिलों में 3 जनवरी से 2 से 4 डिग्री तापमान गिर सकता है।
यूपी में मौसम
उत्तर प्रदेश में साल का आखिरी दिन और नए साल का पहला दिन मौसम के अनुकूल रहेगा। हालांकि, 31 दिसंबर को करीब 20 से 25 जिलों में भीषण कोहरा छाए रहने और तेज शीतलहर चलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे अनुमान है कि गलन वाली सर्दी से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग ने पूर्वांचल के अधिकतर जिलों में शीत दिवस यानी (Cold Day) जैसे हालात बने रहने का अनुमान जताया गया, जिससे दिन में भीषण सर्दी परेशान करेगी। इधर, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीर नगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, कुशीनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, खीरी, सीतापुर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद और नोएडा-गाजियाबाद में घना कोहरा एवं शीतलहर चलेगी, जिससे न्यूनतम तापमान में कमी आ सकती है। कमोबेश ऐसी हालात कानपुर, झांसी, प्रयागराज, इटावा, कन्नौज, अलीगढ़, आगरा और मेरठ में भी रहेंगे। घने कोहरे के कारण ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चलेंगी।
बिहार में मौसम
बिहार में मौसम का मिजाज सर्द है। नए साल की शुरुआत से मौसम में बड़े तब्दीली का अनुमान है। आईएमडी के मुताबिक, पटना, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, दरंभगा, हाजीपुर, गया, नवादा, नालंदा, औरंगाबाद, भोजपुर, रोहतास और कैमूस समेत कई जिलों में शीत दिवस (कोल्ड डे) का अनुमान है। इस सभी जिलों में भीषण कोहरे का अलर्ट है।
मध्य प्रदेश में मौसम कैसा रहेगा
मौसम विभाग ने मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी शीतलहर और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। नए साल के जश्न के दौरान भोपाल, रीवा, सतना, मंडला, खजुराहो, उमरिया, इंदौर और ग्वालियर समेत कई जिलों में कोल्ड वेव की स्थिति रहने से न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस रह सकता है और अधिकांश हिस्सों में भीषण कोहरा छाया रहेगा, जिससे आम जनजीवन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। उधर, छत्तीसगढ़ में शीत लहर की चपेट से रायपुर, राजनांदगांव, अंबिकापुर, दुर्ग और पेंड्रा समेत कई स्थानों पर तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। उधर, तेलंगाना और महाराष्ट्र और गुजरात में भी नए साल से सर्दी का ग्राफ बढ़ेगा।
जम्मू-कश्मीर में नए साल का मौसम
जम्मू-कश्मीर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय रहने से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पहाड़ी इलाकों के साथ मैदानी इलाकों पर भी बादल बरस रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान हैं कि अगले दो दिनों तक बारिश और बर्फबारी से मौसम गहरा सकता है। यानी पहाड़ों पर नये साल की खुशियां मनाने जा रहे लोगों को समस्याएं हो सकती हैं। बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह हाईवे, अनंतनाग जिले में सिंथन पास, घाटी को जम्मू के किश्तवाड़ जिले से जोड़ने वाले मरगन पास और घाटी को जम्मू डिवीजन से जोड़ने वाले मुगल रोड पर ट्रैफिक बंद कर दिया है, लेकिन श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर यातायात जारी है। आईएमडी की मानें तो श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 1.5, पहलगाम में माइनस 1.1 डिग्री, जम्मू शहर में 8.4 डिग्री, भद्रवाह में 3.8 डिग्री, कटरा शहर में 9.4, बटोटे में 7.5, बनिहाल में 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। 'चिल्लई कलां' के कारण कड़ाके की ठंड का दौर 30 जनवरी तक जारी रहेगा।
झारखंड में शीतलहर का अलर्ट
झारखंड में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है और अधिकांश भाग कोहरे में लिपटे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, नए साल की शुरुआत तक गुमला में न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री, रांची में 5.2 डिग्री, खूंटी में 3.6 डिग्री, लोहरदगा में 4.5 डिग्री सेल्सियस और डाल्टनगंज में 4.9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। अगले चार से पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने से सर्दी से थोड़ी राहत रहेगी, लेकिन बिहार से सटे जिलों में घना कोहरा छाए रहने और शीतलहर चलने की संभावना से सर्दी परेशान करती रहेगी। वहीं, करीब 13 जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहेगा।
तमिलनाडु-कर्नाटक में आंधी-बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत के राज्यों में बादल मेहरबान हैं और कई इलाकों में बेमौसम बारिश का सिलसिला जारी है। आईएमडी ने बुधवार और नए साल के पहले दिन तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश से मौसम बदला रहेगा। अधिकांश हिस्सों में कोहरा छाये रहने की संभावना है और सर्दी में भी इजाफा होने का अनुमान है। अगले 2 दिन चेन्नई में 2 दिन बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। इसके अलावा कर्नाटक और लक्ष्यद्वीप के कुछ हिस्सों में भी आंधीनुमा हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी और लोगों को हल्की सर्दी का एहसास होगा। मौसम विभाग ने इस दौरान आकाशीय बिजली कड़कने और मौसम खराब रहने के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
FAQs
कब जारी होता है कोल्ड डे?
उत्तरी राज्यों में भीषण सर्दी के कारण कोल्ड डे की स्थिति है। लोग जानना चाहते हैं कि Cold Day क्या होता है? तो बता दें कि आईएमडी के मुताबिक, कोल्ड डे तब माना जाता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियत कम दर्ज किया जाए। उन दिनों को कोल्ड डे में काउंट करते हैं। इस दौरान दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर नहीं होता है, लिहाजा लोगों को सर्दी से राहत की उम्मीद कम रहती है। इसके अभी और जारी रहने के संकेत हैं।
'चिल्ला-ए-कलां क्या है?
आईएमडी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में 21 दिसंबर को ‘चिल्ला-ए-कलां’ की दस्तक हो गई है, जिसके प्रभाव से घाटी के छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी जारी रहेगी। दरअसल ‘चिल्ला-ए-कलां’ सर्दियों के मौसम का सबसे भारी समय होता है। यह 21 दिसंबर से शुरू होता है 29 या 31 जनवरी तक जारी रहता है। 'चिल्ला-ए-कलां' के 40 दिनों के दौरान बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है और तापमान में काफी गिरावट आती है। इस दौरान घाटी में नदी, नाले, पाइप लाइन और जल स्त्रोत जम जाते हैं क्योंकि न्यूनतम तापमान माइनस 6 से माइनस 8 डिग्री सेल्सियस के बीच गिर जाता है। चिल्लई कलां के दौरान दिन का तापमान दो अंकों से नीचे रहता है, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच का अंतर कम हो जाता है।
चिल्लई कलां का क्या प्रभाव है?
चिल्लई कलां में होने वाली भारी बर्फबारी ही पहाड़ों में बारहमासी पानी के जलाशयों को भरती है। ये बारहमासी जलाशय गर्मियों के महीनों में कई नदियों, झरनों और झीलों को पानी देते हैं। चिल्लई कलां के दौरान बर्फबारी न होना एक आपदा है, क्योंकि यह गर्मियों के महीनों में सूखे का संकेत देता है। लिहाजा, लोग बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
जम्मू-कश्मीर में नए साल के लिए जाना चाहिए या नहीं?
फिलहाल, इन दिनों नए साल की शाम मनाने वाले लोग घाटी पहुंच रहे हैं। इसलिए श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम के सभी होटल पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। लोग अपनी छुट्टियों को यादगार बनाने के लिए नए साल की शाम को अच्छी बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। चिल्लई कलां के दौरान पहली बर्फबारी कश्मीर में एक जश्न के मुफीद होता है। दोस्त और रिश्तेदार पहली बर्फबारी पर एक-दूसरे को बधाई देते हैं और दावतों के लिए एक-दूसरे को बुलाते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिन तक मौसम काफी खराब रह सकता है।
दक्षिण भारत में क्यों हो रही बारिश
मौसम विभाग अनुसार, अभी केरल तट के पास दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर एक एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन एक्टिव है। ऐसा ही एक और सिस्टम दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद है, जबकि तीसरा सर्कुलेशन आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय क्षेत्र और आस-पास के इलाकों में बना हुआ है। इन सभी मौसमी सिस्टम के मिलेजुले असर से दक्षिण भारत के कुछ खास इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की उम्मीद है। पश्चिमी घाट के किनारे के जिलों और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में दिन के दौरान एक या दो जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
