Kal Ka Mausam 30 August 2026: देश के कई राज्यों में मानसून की गतिविधियां अलग-अलग रूप में देखने को मिल रही हैं। कहीं भारी बारिश का दौर जारी है तो कुछ इलाकों में मानसून कमजोर पड़ने से मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि बिहार समेत मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में वर्षा का दौर जारी रह सकता है। वहीं, पहाड़ी राज्यों और दक्षिण भारत में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
कल का मौसम कैसा रहेगा?
बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा इस समय अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है, जबकि इसका पूर्वी सिरा समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास मौजूद है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटीय इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से इसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों के दौरान यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है तथा उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के हिस्सों से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना पिछला निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है। हालांकि, इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर अभी भी पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) अब उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे उत्तर पंजाब के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। यह परिसंचरण निचले से लेकर मध्य क्षोभमंडलीय स्तर तक देखा जा रहा है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में 30 अगस्त को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है। सुबह के समय पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दोपहर में हवा की गति घटकर लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटा और शाम व रात के समय करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।
यूपी में कल के मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में 30 अगस्त को मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कहीं-कहीं बारिश के आसार बने हुए हैं। बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
बिहार में अगले पांच दिनों का मौसम
बिहार में 30 अगस्त से अगले पांच दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनकी गति झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, चलने के आसार हैं। इस दौरान भारी बारिश का दौर भी कुछ इलाकों में देखने को मिल सकता है, खासकर शुरुआती दिनों में। 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बिहार के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है, जबकि इसके बाद भी 2 और 3 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।
राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून
राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ा है जिससे हफ्ते भर मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी एक सप्ताह बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर व कोटा संभाग के अधिकांश भागों में मानसून की कमजोर परिस्थितियां रहने तथा मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान में केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 3-4 सितंबर से पूर्वी व उत्तरी राजस्थान के कुछ भागों में पुनः बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। राज्य में शनिवार सुबह तक के 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई तो पश्चिमी राजस्थान में मौसम सूखा रहा। पश्चिमी राजस्थान की सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर गर्मी पड़ रही है जहां सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पहाड़ी राज्यों में क्या बारिश होगी?
30 अगस्त और 1 सितंबर को पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का दौरा जारी रह सकता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इन दिनों कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी 30 अगस्त को बारिश के आसार हैं, जबकि 1 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के पहाड़ी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है। उत्तराखंड में 30 अगस्त को कई जगहों पर बारिश के साथ भारी वर्षा की संभावना है और 1 सितंबर को भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मध्य भारत में बारिश का दौर रहेगा जारी
पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश के साथ भारी वर्षा होने के आसार हैं। इसके बाद 3-4 सितंबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश हो सकती है और 4 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3-4 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। विदर्भ में 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश तथा 3-4 सितंबर को कई इलाकों में वर्षा होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 30 अगस्त से 4 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है, जिसमें 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है, जहां हवा की रफ्तार झोंकों के साथ करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
अरुणाचल से असम-मेघालय तक बरसेंगे मेघ
पूर्वोत्तर के राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद 3 और 4 सितंबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में वर्षा होने के आसार हैं, जबकि 2 सितंबर को छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। असम और मेघालय के साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम तथा त्रिपुरा में 30 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक वर्षा का अनुमान है, वहीं 4 सितंबर को कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश में 31 अगस्त तथा 3-4 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। असम और मेघालय में 31 अगस्त से 4 सितंबर के बीच भारी वर्षा हो सकती है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 30 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में बहुत भारी बारिश, जबकि 31 अगस्त को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अत्यधिक तेज वर्षा की संभावना जताई है।
ओडिशा में 4 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना
वहीं बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का एक नया क्षेत्र बना है, जिसके प्रभाव से ओडिशा में 4 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य प्रशासन ने उत्तरी और तटीय इलाकों में संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। अधिकारी ने बताया कि ओडिशा के कुछ हिस्से पहले से ही बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे राज्य के तीन जिलों में 67,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। IMD ने इससे पहले 20 अगस्त से चार सितंबर के बीच ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। इसके अलावा 31 अगस्त तक ओडिशा के तट और उससे लगे समुद्री क्षेत्र में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कभी-कभी इनकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। विभाग ने इस दौरान मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
दक्षिण राज्यों में 30 अगस्त से 4 सितंबर तक होगी बारिश
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 30 अगस्त से 4 सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल तथा तेलंगाना में इस अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 30 अगस्त से 1 सितंबर तथा 4 सितंबर को भी वर्षा के आसार हैं। वहीं तटीय कर्नाटक में 30 अगस्त से 4 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 अगस्त और 1 सितंबर को गरज-चमक व आकाशीय बिजली की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा 2 सितंबर को कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है और झोंकों के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
