कल का मौसम (Kal Ka Mausam): देशभर में मौसम का हाल तेजी से बदल रहा है। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और लू की मार देखने को मिल सकती है। वेदर सिस्टम की बात करें तो समुद्र तल पर बना मौसमी द्रोणिका (सीजनल ट्रफ) वर्तमान में उत्तर राजस्थान से होकर बिहार तक फैली हुई है। इसके अलावा निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में उत्तर बिहार से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका सक्रिय है, जो कई क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है। वहीं उत्तर और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी के केंद्रीय भागों पर निचले तथा मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (Upper Air Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर भी एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में लक्षद्वीप क्षेत्र और उसके आसपास तथा निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में उत्तर गुजरात और उससे सटे इलाकों पर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से विभिन्न क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
कल का मौसम (AI इमेज)
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 जून 2026 तक महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों (जिसमें मुंबई भी शामिल है), तेलंगाना और ओडिशा के बाकी क्षेत्रों, छत्तीसगढ़ के कुछ अन्य भागों तथा झारखंड और बिहार के कई इलाकों में आगे बढ़ चुका है। आने वाले 2 से 3 दिनों में इसके गुजरात के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के और क्षेत्रों तथा मध्य प्रदेश के कुछ भागों में और आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसके बाद अगले 3 से 4 दिनों में झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी मानसून के पहुंचने की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पूरे हफ्ते भारी से बहुत भारी वर्षा (7 से 20 सेमी) होने की संभावना जताई गई है। वहीं दूसरी ओर, अगले 4 से 5 दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश और अगले 2 से 3 दिनों में विदर्भ, दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश तथा बिहार के कुछ हिस्सों में हीट वेव (लू) की स्थिति बनी रह सकती है।
दिल्ली में कल का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में कल बादल छाए रहने की संभावना है तथा दोपहर या शाम के समय गरज के साथ बादलों का विकास हो सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान कई स्थानों पर सामान्य के करीब (-1.5°C से 1.5°C) रहने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर यह सामान्य से थोड़ा कम (-1.6°C से -3.0°C) रह सकता है। इसी तरह, अधिकतम तापमान भी अधिकतर क्षेत्रों में सामान्य के आसपास रहने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर यह सामान्य से थोड़ा अधिक (1.6°C से 3.0°C) दर्ज किया जा सकता है। सतही हवाएं मुख्य रूप से पश्चिम दिशा से चलेंगी, जिनकी गति सुबह के समय 25 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दोपहर में हवा की गति घटकर लगभग 20 किमी प्रति घंटा रह जाएगी, जबकि शाम और रात के समय यह और कम होकर दक्षिण-पश्चिम दिशा से लगभग 18 किमी प्रति घंटा तक पहुँचने की संभावना है। फिलहाल IMD ने राजधानी समेत आसपास के इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है।
यूपी में कल का मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि 24 जून को उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव दिखने की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में अलग-अलग क्षेत्रों में छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर मौसम शुष्क भी बना रह सकता है। दिन के समय तापमान में वृद्धि बनी रहने की संभावना है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में हीट वेव (Heatwave) जैसी स्थिति अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। राज्य में हवाओं और बादलों की स्थिति अस्थिर रहने की संभावना है, जिससे कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश या हल्की बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। कुल मिलाकर 24 जून को उत्तर प्रदेश में मौसम गर्म और उमस भरा रहने के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां भी संभव हैं।
बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार में कल कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, हालांकि कई स्थानों पर मौसम शुष्क भी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस का प्रभाव बना रह सकता है और कुछ क्षेत्रों में हीट वेव जैसी स्थिति भी जारी रहने की संभावना है, जिससे तापमान सामान्य से अधिक महसूस हो सकता है। दिन के समय गर्म हवाओं के कारण असुविधाजनक मौसम बना रह सकता है। वहीं पटना, बेगूसराय, लखीसराय, नालंदा और वैशाली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में अगले पांच दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
राजस्थान में अगले पांच दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलाव हुआ नजर आ सकता है। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रह सकता है। इस अवधि में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज सतही हवाओं (लगभग 30–50 किमी प्रति घंटा, झोंकों में इससे अधिक) की स्थिति भी बन सकती है। मानसून की आगे बढ़ने की परिस्थितियां सक्रिय होने के कारण कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और अस्थिर मौसम देखने को मिल सकता है।
क्या मुंबई जारी रहेगा बारिश का सिलसिला?
मुंबई में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा, जिससे सुबह के समय शहर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई, जबकि उपनगरों में हल्की बारिश दर्ज की गई। यहां तड़के से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और सुबह सात बजे के बाद धीरे-धीरे बारिश शुरू हो गई। वहीं 24 जून को भी शहर और आसपास के इलाकों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ शहर में दिनभर बादलों का डेरा बना रह सकता है तथा कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार कोंकण क्षेत्र में गरज-चमक के साथ वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं और कुछ स्थानों पर तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है तथा झोंकों में यह और अधिक तेज हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में 24 से 29 जून के बीच रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने तथा बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विशेष रूप से उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने के साथ झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 29 जून के आसपास हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में वर्षा की गतिविधियों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश होने के आसार हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, पत्थर गिरने, सड़क बाधित होने और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थितियां भी हो सकती हैं। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तमिलनाडु के कई जिलों में हल्की बारिश का अनुमान
चेन्नई में स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने अगले दो दिनों में तमिलनाडु के कई हिस्सों में मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि राजधानी में तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। इसी के साथ मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश के लिए मौसम की स्थिति अनुकूल बनी हुई है। पश्चिमी घाट से सटे जिलों में सबसे अधिक बारिश होने की उम्मीद है, जबकि दूसरी जगहों पर कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ थोड़ी देर के लिए बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 25 जून को तिरुवल्लूर, चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट जिलों में भारी बारिश की संभावना के बारे में भी चेतावनी दी है। वहीं 26 जून को नीलगिरी, कोयंबटूर, डिंडीगुल, थेनी, तेनकासी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
कहां दिखेगा हीटवेव का असर?
IMD के अनुसार 24 जून को बिहार और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में लू चलने की संभावना बनी हुई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 27 जून तक तथा विदर्भ क्षेत्र में 24 और 25 जून तक अलग-अलग स्थानों पर हीटवेव की स्थिति देखने को मिल सकती है। इसके अलावा 24 और 25 जून को झारखंड के कुछ इलाकों में रात के समय सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्म रातों का सामना करना पड़ सकता है। तापमान के पूर्वानुमान के अनुसार, 24 जून तक मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिसके बाद इसमें 2 से 3 डिग्री की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र में 25 जून तक दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आने के आसार हैं, जबकि इसके बाद तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। वहीं देश के अन्य अधिकांश हिस्सों में 28 जून 2026 तक अधिकतम तापमान लगभग स्थिर बने रहने का अनुमान है।
