Kal Ka Mausam: मानसून फिर बढ़ाएगा मुश्किल, यूपी-बिहार से लेकर मध्य और दक्षिण भारत तक कई इलाकों में जमकर बरसेंगे बादल; जानें लेटेस्ट अलर्ट

Kal Ka Mausam 24 August 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: मानसून की सक्रियता और कई मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में हल्की से भारी बारिश के आसार हैं, जबकि मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी कई जगहों पर तेज बारिश, गरज-चमक और हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

Kal Ka Mausam 24 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के कारण बारिश का दौर जारी रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं दक्षिण भारत के कई इलाकों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रहने का अनुमान है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है, जबकि इसका पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के आसपास स्थित है। पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों से सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से 23 अगस्त 2026 को सुबह 5:30 बजे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ।

Kal ka Mausam

कल का मौसम

सुबह 8:30 बजे तक यह सिस्टम इसी क्षेत्र में सक्रिय रहा। इसके अगले 24 घंटों के दौरान लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने तथा उत्तरी ओडिशा और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के इलाकों से गुजरने की संभावना है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ट्रफ फैला हुआ है। वहीं, एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों पर ट्रफ के रूप में करीब 60 डिग्री पूर्वी देशांतर के साथ 30 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में मौजूद है। मध्य भारत में लगभग 22 डिग्री उत्तरी अक्षांश के आसपास मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक शीयर जोन (Shear Zone) भी सक्रिय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं, उत्तर केरल और आसपास के क्षेत्रों में मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले समय में देश के कई हिस्सों में बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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