Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : भीषण गर्मी के बीच कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक मौसम करवट लेने को तैयार है। उत्तर भारत के यूपी, बिहार, राजस्थान, हरियाणा-पंजाब समेत कई राज्यों में भीषण लू के अलर्ट के बीच मौसमी गतिविधियां होने की संभावना नजर आ रही हैं। मौसम विभान ने इन सभी उत्तरी राज्यों में 18 से 20 अप्रैल तक बादलों की आवाजाही के बीच हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं धूल भरी आंधी के झोंके परेशान करेंगे। खासकर, बिहार और यूपी में ओलावृष्टि के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी है। अगले 24 घंटे के दरम्यान पूर्वोत्तर के राज्यों सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा के साथ दक्षिण भारत के कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ में तेज आंधी-तूफान गरज चमक के साथ भारी बारिश की संभावनाएं बन रही हैं। उधर, पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में अगले 3 दिन आंधी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कमोबेश यही हालत जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के कुछ हिस्सों में होगी। इस दौरान बर्फबारी हो सकती है।
कल का मौसम
दिल्ली कल का मौसम
दिल्ली में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी ने दिन में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। स्काईमेट के मुताबिक, अगले तीन दिन तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा। हालांकि, 18 और 19 अप्रैल को कई इलाकों में बादल छाए रहने के साथ आंधी के समीकरण बन रहे हैं। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण
दिल्ली-एनसीआर के मौसम में उतार चढ़ाव के साथ पॉल्यूशन का स्तर घट बढ़ रहा है। शुक्रवार को एक्यूआई 201 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मई से इसके स्तर में थोड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर माना जाता है।
यूपी में कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में अप्रैल माह में तेज गर्मी के बाद अचानक कई जिलों में बेमौसम बारिश, वज्रपात और आंधी देखने को मिल चुकी है। आईएमडी ने एक बार फिर 18 से 20 अप्रैल तक आंधी-बारिश, ओलावृष्टि, वज्रपात के संकेत दिए हैं। गुरुवार की रात अमेठी जिले तेज आंधी तूफान के दौरान दीवार गिरने से मलबे में दबकर 66 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मौसम विभाग ने करीब 45 जिलों के लिए खराब मौसम होने का अलर्ट जारी किया है। बूंदाबांदी और हवाएं चलने से तापमान में कमी आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। इसी प्रकार मध्य प्रदेश में भी बारिश के आसार हैं।
उत्तराखंड में मौसम कैसा है?
उत्तराखंड में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ के असर मौसम खराब हो गया है। आईएमडी ने 19 और 20 अप्रैल को बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इस दौरान रूद्रप्रयाग, टिहरी, चंपावत, पिथौरागढ़, हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल, उत्तरकाशी, पौढ़ी, देहरादून, चामोली, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। आंधी के साथ भारी बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। आपदा प्रबंधन ने इन क्षेत्रों में सतर्क रहने के लिए कहा है।
हिमाचल प्रदेश-जम्मू-कश्मीर का मौसम
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग ने बताया कि हिमाचल में 18 और 19 अप्रैल को भारी बारिश के साथ बर्फबारी होगी। इस दौरान लाहौल स्पीति, कुल्लू, शिमला जैसे ऊंचाई वाले वाले क्षेत्रों में तेज हवाएं गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है।
बिहार में कैसा रहेगा मौसम
बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। आईएमडी ने आज से अगले एक दो दिन गरज चमक के साथ आंधी और बारिश का पूर्वानुमान जारी किया। पटना, गया और भागलपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इसके अलावा अन्य जिलों में भी इसका असर रहेगा। हालांकि, अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
राजस्थान का मौसम
राजस्थान भीषण गर्मी की चपेट में है। बीकानेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, बाड़मेर में 45 डिग्री, जैसलमेर व फलोदी में 44.8 डिग्री, चूरू, चित्तौड़गढ़ और पिलानी में 44.1 डिग्री, लूणकरणसर में 43.4 डिग्री और श्रीगंगानगर में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, 20 अप्रैल से भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। 18-19 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं-धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। बारिश को लेकर को अलर्ट नहीं है, फिर भी कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| पटना | 24 °C | 30 °C |
| भोपाल | 27 °C | 39 °C |
| जयपुर | 30 °C | 42 °C |
| लखनऊ | 26 °C | 36 °C |
| दिल्ली | 23 °C | 39 °C |
| मुंबई | 27 °C | 32 °C |
| देहरादून | 18 °C | 31 °C |
| शिमला | 12°C | 26 °C |
| कश्मीर | 5 °C | 18 °C |
कब आएगा प्री मॉनसून?
मध्य भारत के कुछ भागों में प्री मॉनसून संकेत मिल रहे हैं। इनमें बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी का पूर्वी भाग, तेलंगाना और पूर्वी भारत में प्री मॉनसून एक्टिव हो सकता है। अप्रैल से पहाड़ी राज्य कश्मीर, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से एक बार फिर बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। जम्मू-कश्मीर में हल्की बर्फबारी हो सकती है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस बार संचयी वर्षा दीर्घ अवधि औसत (एलपीए) 87 सेंटीमीटर का 105 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी 2025 के मानसून सीजन में लगभग 87 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। यह सामान्य से अधिक बारिश का संकेत है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
हॉट डे क्या होता है?
हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।
