कल का मौसम कैसा रहेगा : मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक मौसम सुहावना बना हुआ है। खासकर, पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी बारिश से तबाही का आलम है। अत्यधिक पानी के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे संपत्ति के साथ जानमाल का नुकसान हो रहा है। इधर, पहाड़ों पर एक मौसमी तंत्र एक्टिव है, जिसके असर से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे हिस्सों से लेकर मैदानी भागों तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट घोषित है। इस दौरान लैंडस्लाइड और बाढ़ का खतरा बढ़ने की चेतावनी है। इधर, समूचा उत्तर भारत बादलों की गिरफ्त में है और दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व बिहार में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी है। खराब मौसम के दौरान आकशीय बिजली गिरने की चेतावनी है। उधर, दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में मेघ गर्जन के साथ भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। कमोबेश ऐसा ही मौसम गुजरात और महाराष्ट्र पर बना रह सकता है।
मौसम आज-कल
दिल्ली-एनसीआर में कल का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 घंटे के दौरान मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। फिलहाल, आसमान बादलों से ढके हुए हैं। लगातार बारिश के कारण तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा रही है। फिलहाल, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत रहेगी। आईएमडी ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच सुबह के समय शहर के कई मार्गों पर बड़ी देर तक यातायात जाम की स्थिति बनी रही।
7 अगस्त (शुक्रवार) का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 27°C | 30°C |
| जयपुर | 26°C | 30°C |
| भोपाल | 24°C | 29°C |
| मुंबई | 28°C | 29°C |
| चेन्नई | 27°C | 34°C |
| बेंगलुरु | 22°C | 27°C |
| कोलकाता | 27°C | 29°C |
| रांची | 23°C | 27°C |
| पटना | 27°C | 32°C |
| लखनऊ | 27°C | 29°C |
| चंडीगढ़ | 26°C | 30°C |
| देहरादून | 23°C | 24°C |
| शिमला | 19°C | 23°C |
| कश्मीर | 13°C | 20°C |
राजस्थान में बारिश का अलर्ट
राजस्थान में दक्षिण पश्चिम मानसून की सक्रियता से बारिश का दौर जारी है और अगले चौबीस घंटे के दौरान कई स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट है। भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश होने की चेतावनी है। पिछले 24 घंटे के दौरान भरतपुर, डीग, अलवर व धौलपुर जिले में भारी से अतिभारी बारिश हुई। मौसम केंद्र जयपुर ने 6-7 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने व मानसून पुनः सक्रिय होने की पूरी संभावना व्यक्त की है। 7 से 10 अगस्त के दौरान भरतपुर, कोटा, अजमेर, जयपुर उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश होगी।
उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और भागीरथी समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं और खतरे का निशान पार कर गई हैं। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी खतरे के निशान 627 मीटर पर बह रही है। इसके अलावा, रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी का जलस्तर 626.20 मीटर मापा गया जो खतरे के निशान 626 मीटर से 0.20 मीटर उपर है और यह लगातार बढ़ रहा है। देवप्रयाग में भागीरथी चेतावनी स्तर 462 मीटर पर बह रही थी और उसका जलस्तर बढ़ रहा है। हरिद्वार में रायसी (बाणगंगा) 230.09 मीटर पर बह रही थी जो चेतावनी के स्तर से 0.09 मीटर उपर है और इसका भी जलस्तर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली एवं बागेश्वर जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट और राज्य के शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। उधर, हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों पर बारिश का दौर जारी है। पहाड़ों से लेकर मैदानी भागों तक अलर्ट घोषित है। खासकर, पहाड़ी भागों पर भारी बारिश से लैंडस्लाइड और बाढ़ का खतरा जताया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी बारिश आफत
पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी बारिश आफत बनी हुई है। आईएमडी ने असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम और मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खासकर, असम में भारी बारिश से तबाही है। लगातार नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है। अगले कई दिनों तक भारी बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसके अतिरिक्त पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश के हिस्सों में भारी पानी बरसने का अनुमान है।
बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी
पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। आईएमडी ने दक्षिण बंगाल के पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर तथा बांकुड़ा जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, झाड़ग्राम, पुरुलिया और पश्चिम बर्धमान जिलों में शुक्रवार तक भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी क्षेत्र के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में भी शुक्रवार तक भारी बारिश होने की संभावना है।
ओडिशा में भारी बारिश
ओडिशा में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में कई घरों के अंदर पानी घुस गया। आईएमडी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी जारी की है। मधुसूदन नगर में 107 मिमी और नयापल्ली इलाके में 97.2 मिमी बारिश हुई। आईएमडी ने क्योंझर और मयूरभंज जिलों के लिए भारी बारिश का अनुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, बालासोर, भद्रक, कालाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर, , जाजपुर, सुंदरगढ़, देवगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, नुआपाड़ा, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, गजपति और गंजाम जिलों में आज के लिए के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। कई अन्य स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश
दक्षिण भारतीय राज्यों में मानसूनी बारिश ने कहर मचा रखा है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह व लक्ष्यद्वीप के हिस्सों पर अच्छी खासी बारिश के आसार हैं। लोगों को तूफानी हवाओं के कारण समुद्री इलाकों से दूर रहने के लिए कहा गया है। अधिकांश नदियों में बाढ़ की स्थिति है। इसके आगे महाराष्ट्र और गुजरात के अधिकांश जिलों में बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है।
केरल में रफ्तार पकड़ेगा मानसून
उधर, केरल में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में राज्य के मध्य और उत्तरी हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई है। आईएमडी ने कासरगोड, कन्नूर, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, अलाप्पुझा और पथानामथिट्टा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी 7 जिलों में येलो अलर्ट है। पहाड़ी और भूस्खलन वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सुरक्षा को देखते हुए गुरुवार को कोट्टायम तालुक, पथानामथिट्टा के तिरुवल्ला तालुक और अलाप्पुझा के कुट्टनाड, चेंगन्नूर और कार्तिकापल्ली तालुक के सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। वहीं वायनाड, कोझिकोड, इडुक्की, कोट्टायम, त्रिशूर, अलाप्पुझा और पथानामथिट्टा में जो स्कूल और कॉलेज राहत शिविर के रूप में चल रहे हैं, वहां भी छुट्टी घोषित की गई है ताकि राहत कार्य सुचारू रूप से हो सकें। मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे समुद्र किनारे न जाएं और जरूरी सावधानी बरतें।
