जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पिछले 17 दिनों से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संघ के बीच 19 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद बनी सहमति के बाद जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) ने अपनी 17 दिन लंबी भूख हड़ताल को खत्म करने की घोषणा कर दी है। प्रशासन ने छात्रों के निष्कासन को रद्द करने और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने पर सहमति जता दी है।
पांच छात्रों का निष्कासन तुरंत प्रभाव से रद्द
19 अक्टूबर को जारी विश्वविद्यालय के एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने प्रशासन को तत्काल प्रभाव से पांच छात्रों का निष्कासन रद्द करने का निर्देश दिया है। हालांकि, इन छात्रों को अपने ऊपर लगे जुर्माने का भुगतान तुरंत करने की सलाह दी गई है। जिन छात्रों के निष्कासन रद्द हुए हैं, उनमें अदिति मिश्रा, के. गोपिका बाबू, सुनील यादव और दानिश अली शामिल हैं, ये सभी वर्तमान जेएनयूएसयू पदाधिकारी हैं। इनके अलावा, नीतीश कुमार का भी निष्कासन रद्द हुआ है, जो पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष हैं।
बैठक में बनी मुख्य सहमति और अन्य फैसले
सोशल साइंस स्कूल (SSS) के डीन विवेक कुमार और छात्र प्रतिनिधियों द्वारा हस्ताक्षरित बैठक के मिनट्स के अनुसार, छात्रों की अन्य मांगों पर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। जिनके तहत छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएंगी। इसके अलावा, निष्कासन के खिलाफ हुए प्रदर्शनों, यूजीसी (UGC) नियमों और हॉस्टल बुनियादी ढांचे के विरोध में शुरू की गई प्रॉक्टोरियल जांच को भी समाप्त किया जाएगा। सीरियस प्रॉक्टर ऑफिस (CPO) मैनुअल के उन विवादास्पद प्रावधानों की समीक्षा के लिए एक कमिटी का गठन किया जाएगा जिसमें विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने और भारी जुर्माने, निलंबन व निष्कासन जैसे दंड के प्रावधान हैं। प्रशासन ने मेरिट-कम-मींस (MCM) स्कॉलरशिप में 25 प्रतिशत की वृद्धि पर विचार करने और जेएनयू प्रवेश परीक्षा (JNUEE) की जांच के लिए छात्र संघ प्रतिनिधि के साथ एक समिति बनाने पर सहमति दी है।
ताप्ती और माही-मांडवी हॉस्टल के साथ-साथ TEFLAs का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा। इसके साथ ही, दो सप्ताह के भीतर सभी हॉस्टलों में गीजर को चालू करने, सीएसएलजी (CSLG) में कैंटीन खोलने और स्कूल लाइब्रेरी का समय रात 9 बजे तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
