शीतलाष्टमी 2023: जयपुर के निकट पहाड़ी पर है मां शीतला का पौराणिक मंदिर, अष्टमी पर लगता है मेला, ये है मंदिर से जुड़ी रोचक बातें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 12, 2023, 06:15 PM IST

Sheetlashtami 2023: चाकसू कस्बे में शील डूंगरी पर स्थित है मां शीतला का 5 सौ साल पुराना मंदिर। चैत्र महीने में शीतलाष्टमी पर यहां दो दिवसीय लक्खी मेला लगता है। शीतलाष्टमी पर माता को सबसे पहले जयपुर राजघराने की ओर से भेजे गए प्रसाद का भोग लगाया जाता है। मंदिर का निर्माण जयपुर के महाराजा माधो सिंह ने करवाया था।

KEY HIGHLIGHTS
  • चाकसू कस्बे में शील डूंगरी पर स्थित है शीतला मां का 5 सौ साल पुराना मंदिर
  • मंदिर का निर्माण जयपुर के महाराज माधो सिंह ने करवाया था
  • शीतलाष्टमी पर सबसे पहले जयपुर राज परिवार की ओर से मां को भोग लगाया जाता है

Sheetlashtami 2023: राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 70 किमी की दूरी पर चाकसू कस्बे में शील डूंगरी पर स्थित है मां शीतला का 5 सौ साल पुराना मंदिर। यहां सालभर श्रद्धालु माता की आराधना के लिए आते रहते हैं। चैत्र महीने में शीतलाष्टमी पर यहां दो दिवसीय लक्खी मेला लगता है। मेले से एक दिन पहले ही श्रद्धालुओं की भीड़ यहां जुटनी शुरू हो जाती है।

Shitala Mata Temple Chakasu

जयपुर के निकट चाकसू की शील डूंगरी पर स्थित है पौराणिक शीतला मंदिर (फाइल फोटो)

बता दें कि, माता के दर्शनों के लिए जयपुर सहित निवाई, टोंक व देवली के अलावा आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग नाचते-गाते पहुंचते है। मेले में कई लोग व संघ पैदल यात्रा करके भी पहुंचते हैं। करीब तीन सौ मीटर की पहाड़ी पर चढ़ाई के बाद जैसे ही माता रानी के दर्शन होते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ी पर सीढ़ियों का रास्ता बना हुआ है।

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