Rajasthan Government Hospital: राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली दवा में गड़बड़ी सामने आई है। सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत फ्री में दवा दी गई थी, जब मरीजों ने इस दवा का इस्तेमाल किया तो उन पर इसका कुछ असर नहीं हुआ। मरीजों पर दवा का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। ये बात जब सामने आई तो दवाओं के सैंपल की जांच की गई, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए।
सांकेतिक फोटो।
टेस्ट में सैंपल फेल
बता दें कि दवाओं के सैंपल जांच में 10 सैंपल फेल हो गए और ये सभी दवा मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत दी जाती थी। इसके बाद राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन (आरएमएससी) ने इन 10 दवाओं पर रोक लगा दी। ये दवा आठ अलग-अलग कंपनियां बनाती थी। जानकारी के अनुसार, इन दवाओं में फंगल इंफेक्शन, मलेरिया, आई ड्रॉप और सांस की बीमारी से जुड़ी दवा शामिल थी।
दवा की आपूर्ति पर रोक
आरएमएससी की एमडी नेहा गिरी ने बताया कि मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाली दवाओं के सैंपल फेल हो जाने पर इनकी आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। इन दवाओं के बदले दूसरी कंपनियों की दवाएं मंगवाई गई है, ताकि मरीज को दवा मिलती रहे। उन्होंने बताया कि दवा की क्वालिटी को बरकरार रखने के लिए हर दवा के बैच का सैंपल जांच किया जाता है।
पहले भी सैंपल हुए थे फेल
जानकारी के अनुसार, ऐसा पहली बार नहीं है जब इन दवाओं के सैंपल फेल हो गए हो। इससे करीब तीन महीने पहले 15 दवाओं के सैंपल की टेस्टिंग की गई थी, जिसमें वे सब फेल हो गए थे। तीन महीने पहले फेल होने वाली दवाओं में कैल्शियम, विटामिन-डी, एमोक्सिसिलिन, लिवोसिटिरिजिन सॉल्ट से बनी टैबलेट-कैप्सूल जैसे दवाइयां शामिल थी। ये दवाइयां कई नामी गामी कंपनियों ने बनाई थी। उस वक्त भी सैंपल फेल होने पर राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन इन दवाओं की सप्लाई पर रोक लगा दी थी।
