जयपुर : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राजस्थान की उड़ान योजना में हो रही अनियमितताओं पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग को चार सप्ताह के भीतर कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। NHRC को मिली शिकायत में कहा गया है कि उड़ान योजना के तहत सितंबर 2024 से सेनेटरी नैपकिन की सप्लाई और वितरण बंद हो गया है, जो महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस पर NHRC ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो साभार: @BhajanlalBjp)
उड़ान योजना का क्या है उद्धेश्य
राजस्थान सरकार की 'उड़ान योजना' का उद्देश्य हर तीन महीने में किशोरियों और महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी पैड प्रदान करना है। इस योजना के लिए हर साल लगभग 290 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है, और यह दावा किया गया था कि इससे राज्य की एक करोड़ 23 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित होंगी। हालांकि, सितंबर 2024 के बाद से किसी भी महिला या बालिका को सैनिटरी नैपकिन नहीं मिल रहे हैं, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। NHRC की कार्रवाई इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाती है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण किया जाए।
