नई दिल्ली: 3 जून को अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस मनाया जाता है और साइक्लिंग को लेकर कुछ भी कहने की जरुरत नहीं है। साइक्लिंग आज की तारीख में युवाओं के साथ बुजुर्गों के लिए जीवनशैली का बड़ा हिस्सा बन चुका है। यहां तक कि अब कई बार मंत्री और सरकारी अधिकारी भी साइकिल से ऑफिस आते देखे जा सकते हैं। इसी क्रम में राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंटआबू के आयकर अधिकारी की चर्चा है जिनका नाम हैं राजेश भाटी।
माउंटआबू में कार्यरत आयकर अधिकारी राजेश भाटी
राजेश भाटी पिछले डेढ़ साल से माउंटआबू में पोस्टेड है पिछले 13 साल से साइक्लिंग कर रहे हैं। वो अबतक एक लाख 20 हजार किलोमीटर साइकिल चला चुके हैं। उन्होंने बताया कि मेरी कई जगह पोस्टिंग रही चाहे कोटा हो पाली हो या उदयपुर ओर अब माउंट आबू हर जगह हर दिन मै 20 से 25 किलोमीटर साइक्लिंग करता हूं। राजेश भाटी के मुताबिक पिछले साल अहमदाबाद में मेरी दो माह की ट्रेनिंग थी उस दौरान भी मेरी साइक्लिंग मेरे साथ थी, मैं पिछले 13 सालों से डायबिटिक हूँ। तब से ही साइक्लिंग कर रहा हूं,,आप हैरान होंगे ये जान कर की मैने मेरी दवा का डोज नहीं बढ़ने दिया, जहां भी मेरी पोस्टिंग रही में लोगों को साइक्लिंग के लिए प्रेरित करता रहता हूं"।
13 सालों से डायबिटिक हैं राजेश भाटी का साइकिल के प्रति गजब का हैं जुनून
राजेश भाटी ने माउंट आबू में रहते हुए दो बार गुरु शिखर तक की साइक्लिंग कर दी है और वो रोज आरणा हनुमान जी तक साइक्लिंग करते हैं। उनके साइकिल चलाने का जुनून देख कर बहुत से लोग साइक्लिंग करने लगे है, ओर शहर के लोग उन्हें साइकिल वाला ITO (इनकम टैक्स ऑफिसर) तक कहने लगे हैं।
राजेश भाटी ने ने कहा कि मेरी कई जगह पोस्टिंग रही चाहे कोटा हो पाली हो या उदयपुर ओर अब माउंट आबू हर जगह हर दिन मै 20 से 25 किलोमीटर साइक्लिंग करता हूं । यहां तक कि पिछले साल अहमदाबाद में मेरी दो माह की ट्रेनिंग थी उस दौरान भी मेरी साइक्लिंग मेरे साथ थी। मैं पिछले 13 सालों से डायबिटिक हूँ। तब से ही साइक्लिंग कर रहा हूं। आप हैरान होंगे ये जान कर की मैने मेरी दवा का डोज नहीं बढ़ने दिया। जहां भी मेरी पोस्टिंग रही में लोगों को साइक्लिंग के लिए प्रेरित करता रहता हूँ। राजस्थान में कोटा पोस्टिंग के दौरान बहुत से साइक्लिस्ट अच्छे फ्रेंड्स मिले और उनसे अभी भी अच्छी दोस्ती है।
राजेश भाटी पिछले डेढ़ साल से माउंटआबू में पोस्टेड है पिछले 13 साल से साइक्लिंग कर रहे हैं।
आज के दौर में तकनीकी प्रगति के कारण साइकिल का उपयोग कम हो गया है, लेकिन इसे फिर से अपनाकर हम स्वस्थ और फिट रह सकते हैं। साइकिल चलाने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है। साइकिल चलाना न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह फिट इंडिया मूवमेंट का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
