Jalore News: राजस्थान के जालोर जिले में सुंधा माता से लौट रही यात्रियों से भरी एक बस तूरा नदी के रपट पर तेज बहाव में फंस गई। बस डगमगाने लगी और उसे देख ऐसा लगा कि वह पलट जाएगी। बस में सवार 9 यात्री घबराकर मदद के लिए लोगों को पुकारने लगे। यात्रियों की चीख-पुकार सुन मौके पर ग्रामीण पहुंचे और बस में सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना में गनीमत यह रही कि एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना की एक वीडियो भी सामने आई है। जिसमें देखा जा सकता है कि किस प्रकार बस चालक नदी के रपट पर बस चला रहा है और अचानक बेकाबू होकर बस फिसली और तेज बहाव में फंस गई।
जालोर में तूरा नदी के रपट पर फिसली यात्रियों से भरी बस (फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत)
ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान
स्थानीय ग्रामीणों ने बहादुरी और सूझबूझ दिखाते हुए सभी यात्रियों को नदी के बहाव में फंसी बस से सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने बस चालक को पहले ही चेतावनी दी थी कि नदी का बहाव बहुत तेज है और उसे बस को रपट से नहीं ले जाना चाहिए। बावजूद इसके चालक ने ग्रामीणों की एक बात नहीं सुनी और अपनी मनमानी करते हुए बस को पानी में उतार दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि बस बहाव में फिसलकर बेकाबू हो गई और फंस गई। ड्राइवर की इस मनमानी से बस में सवार सभी यात्रियों को खतरे में डाल दिया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से लगाई गुहार
इस घटना से बस में बैठे यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता से सभी की जान बच गई। घटना के बाद, ग्रामीणों ने प्रशासन से तेज बहाव के दौरान रपट से बसों और भारी वाहनों के निकलने पर रोक लगाने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह का हादसा न हो पाए।
