राजस्थान सहित 12 राज्यों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, अशोक गहलोत बोले — “चुनाव आयोग ने शक का माहौल बना दिया है”

चुनाव आयोग ने राजस्थान सहित 12 राज्यों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने की घोषणा की है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि इससे जनता के मन में मताधिकार छीने जाने की आशंका बढ़ी है।

देशभर में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है। बिहार की तर्ज पर अब राजस्थान सहित 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चुनाव आयोग ने राजस्थान की सभी 200 विधानसभा सीटों के प्रत्येक बूथ पर वोटर लिस्ट की गहन जांच का निर्णय लिया है। सोमवार रात प्रदेश की मतदाता सूची फ्रीज होने गई है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस कदम पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि “करीब 20 साल पहले भी SIR प्रक्रिया हुई थी, तब कोई विवाद नहीं हुआ था। लेकिन अब चुनाव आयोग ने ऐसा माहौल बना दिया है जिससे आमजन के मन में शक पैदा हो गया है।”

राजस्थान सहित 12 राज्यों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, अशोक गहलोत बोले — “चुनाव आयोग ने शक का माहौल बना दिया है”

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच प्रक्रिया शुरू करना उचित नहीं: गहलोत

गहलोत ने सवाल उठाया कि जब SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है, तब 12 राज्यों में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “भारत में संविधान लागू होने के पहले दिन से सभी को मताधिकार मिला, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में महिलाओं और अश्वेतों को वोट देने का अधिकार मिलने में दशकों लग गए। SIR प्रक्रिया से जनता के मन में मताधिकार छीने जाने की आशंका पनप रही है।”

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