जयपुर। ऐसा लगता है कि गहलोत सरकार विधानसभा चुनाव से पहले हिंदुत्व कार्ड को भुनाने की पूरी कोशिश कर रही है, और पुष्य नक्षत्र 25 मई को मंदिर गलियारा बनाने और सभी मंदिरों पर भगवा ध्वज फहराने की योजना है।राज्य सरकार की योजना सभी देवस्थान मंदिरों पर भगवा ध्वज (झंडे) फहराने की है।
मंदिरों पर भगवा ध्वज फहराने का अशोक गहलोत सरकार ने लिया फैसला
राज्य सरकार की देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि इसके अलावा, राज्य सरकार 'तीर्थ यात्रा' के लिए लगभग 40,000 वरिष्ठ नागरिकों को ले जाएगी, जो पहले की तुलना में दोगुनी है।जिन जगहों पर उन्हें ले जाया जाएगा, उनमें नेपाल में रामेश्वरम, पशुपति नाथ शामिल हैं।
बनेंगे भव्य मंदिर गलियारे
राज्य में खाटूश्यामजी और कैला देवी मंदिर की तरह भव्य मंदिर गलियारे बनाए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूजा करते समय भक्तों को परेशानी का सामना न करना पड़े। एक सवाल का जवाब देते हुए कि क्या राज्य सरकार आगामी चुनावों के मद्देनजर हिंदुत्व कार्ड ले रही है, उन्होंने कहा, हमारी सरकार अपनी सरकार के गठन के बाद से धार्मिक रूप से इस तरह के आयोजन कर रही है। हमने विभिन्न मंदिरों में हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है। हमने रामनवमी पर विभिन्न मंदिरों में अखंड रामायण का आयोजन, श्रावण मास में सहस्त्रधारा कार्यक्रम का आयोजन किया है।
हिंदू विरोधी टैग हटाने की कवायद
वास्तव में हमने नेपाल में पशुपति मंदिर को वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा के लिए मंदिरों की सूची में शामिल किया, देवस्थान विभाग द्वारा चलाए जा रहे धर्मशालाओं में भक्तों के मुफ्त ठहरने की व्यवस्था की और इसके मंदिर के रिकॉर्ड को डिजिटल कर दिया गया।मंत्री रावत ने कहा, देवस्थान विभाग के तहत आने वाले 593 मंदिरों का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा और इन मंदिरों में पुजारियों का पारिश्रमिक तीन से बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है।यहां यह बताना जरूरी है कि विपक्ष गहलोत सरकार पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगा रहा है।
