NEET Re-Exam: इंदौर में कृत्रिम मेधा (AI) से लैस चैटबॉट चैटजीपीटी (ChatGPT) के जरिये फर्जी प्रश्नपत्र तैयार करके उसे नीट-यूजी (NEET UG Paper) का वास्तविक पर्चा बताकर लोगों को ठगने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी विधि (LAW) पाठ्यक्रम का छात्र बताया जा रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।
सांकेतिक फोटो
सोशल मीडिया पर पेपर लीक का झांसा
अपराध निरोधक शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान अक्षय मालवीय के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वह शहर के कनाड़िया क्षेत्र का निवासी है और विधि के स्नातक पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष का छात्र है।
त्रिपाठी ने बताया, ’’आरोपी ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर लोगों को संदेश भेजकर झांसा दिया कि उसके पास नीट का प्रश्नपत्र उपलब्ध है। हालांकि, उसके द्वारा लोगों को उपलब्ध कराए गए प्रश्नपत्र का नीट परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से कोई संबंध नहीं था।’’
डीसीपी ने बताया कि मालवीय ने चैटजीपीटी से फर्जी प्रश्नपत्र तैयार किया और उसे नीट का असली प्रश्नपत्र बताकर लोगों को बेचा। उन्होंने बताया, ’’इस तरीके से आरोपी ने ज्यादातर लोगों से 100 से 200 रुपये तक की रकम वसूली।’’ त्रिपाठी ने बताया कि अब तक मालवीय द्वारा करीब 25 लोगों से पैसे लिए जाने के सबूत मिले हैं, हालांकि विस्तृत जांच के दौरान यह संख्या बढ़ सकती है।
21 जून को हुआ नीट री एग्जाम
डीसीपी के मुताबिक, विधि छात्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के कारण 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जांच कर रहा है। नीट की पुन:परीक्षा 21 जून को कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुई थी।
(इनपुट - भाषा)
