India Monsoon 2024 : इन दिनों पूरा भारत गर्मी का दंश झेल रहा है। नॉर्थ इंडिया (North India) में हीटवेव (Heatwave) ने कहर बरपा रखा है। पारा आसमान को छू रहा है, कहीं 45 डिग्री तो कहीं 46 डिग्री अधिकतम तापमान ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। लेकिन अब दक्षिण और पूर्वी भारत में मानसून का इंतजार खत्म हो गया है। जी, हां मानसून के लिए बाहें फैलाकर बैठे कई राज्यों में मौसम कूल-कूल होने वाला है। मौसम विभाग ने प्रचंड गर्मी के बीच अच्छी और राहत भरी खबर दी थी। कहा गया था कि गर्मी से परेशान लोगों के लिए वक्त से पहले मानसून खुशियां लेकर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की रफ्तार काफी अच्छी है। आमतौर पर अंडमान निकोाबर द्वीप के तट पर 22 मई के आसपास मानसून पहुंचता है, लेकिन इस बार 3 दिन पहले 19 मई को ही सक्रिय हो गया है। तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। आइये जानते हैं आपके शहर के आसपास बारिश कब होने वाली है।
मानसून
आईएमडी (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 19 मई को मानसून अंडमान-निकोबार द्वीप, अगले दिन दक्षिण अंडमान सागर (South Andaman Sea) और बंगाल की दक्षिणी खाड़ी (Bay of Bengal) तक पहुंचने की संभावना है। उधर, मौसम विभाग ने अल नीनो (El Nino) प्रणाली के कमजोर होने की बात कही है। लिहाजा, ला नीना (La Nina) की स्थितियां बेहतर हुई हैं। आने वाले दिनों में इसमें और सुधार होने की संभावना है। ला नीना के साथ-साथ हिंद महासागर (Indian Ocean) द्विध्रुव स्थितियां भी इस साल अच्छे मानसून 2024 (Monsoon 2024) के लिए अनुकूल दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है ये अच्छे मानसून के संकेत हैं। उधर, पहले ही मौसम विभाग ने अच्छी बारिश होने की संभावना जताई है। हालांकि, अप्रैल माह की भविष्यवाणी उतनी सटीक नहीं रही, लेकिन मई में नॉर्मल से अच्छी बारिश होने की संभावना है। उधर, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 31 मई के आसपास केरल पहुंचने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी। आईएमडी ने कहा कि इस साल, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 31 मई को केरल पहुंचने का अनुमान है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बुधवार को कहा कि यह जल्दी नहीं है। यह सामान्य तारीख के करीब है क्योंकि केरल में मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख एक जून है।
कहां कब पहुंचेगा मानसून
- दक्षिण पश्चिम मानसून 19 मई को अंडमान सागर और कुछ हिस्सों में बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करेगा।
- पूर्वोत्तर भारत में 25 मई को मानसून के सक्रिय होने की संभावना है।
- उत्तर भारत में मानसून 27 जून तक पहुंचने की गुंजाइश है।
- भारत में साल 2024 में सामान्य मानसूनी बारिश की संभावना है।
इस तारीख को मौसम की होगी एंट्री
इधर, दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) के 19 मई तक अंडमान निकोबार द्वीप (Andaman Nicobar Islands) पहुंचने का अनुमान है। इसके बाद 29 मई से 1 मई जून के मध्य केरल में दस्तक दे सकता है। वैसे महाराष्ट्र में प्रत्येक वर्ष मानसून की एंट्री 10 जून तक होती है। लेकिन, इस बार वक्त से पहुंचने का पूर्वानुमान है। उससे आगे 15 जून तक गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में मानसून की एंट्री हो सकती है। वहीं, 20 जून तक गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून के पहुंचने का अनुमान है। आगे बढ़ते हुए 20 से 25 जून तक ये उत्तर प्रदेश हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में भी मानसून की एंट्री हो सकती है। उधर, 30 जून को राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी दस्तक दे सकता है। इसी तरह आगे बढ़ते हुए 8 जुलाई को पूरी तरह मौसम पूरे देश में सक्रिय हो सकता है। हालांकि, राज्यों में मानसून के पहुंचने की सटीक जानकारी मौसम विभाग ने नहीं दी है।
| शहर | मॉनसून की डेट |
| चेन्नई | 10 जून |
| कोलकाता | 10-11 जून |
| दिल्ली | 28-30 जून |
| मुंबई | 10-11 जून |
उम्मीद की बूंदों पर टिका कृषि क्षेत्र
मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की प्रगति हवाओं और समुद्री तापमान (Sea Temperature) सहित कई अन्य कारकों पर निर्भर करता है। मानसून बारिश कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) के साथ जिन शहरों में पेयजल की किल्लत है, वहां के लिए वरदान साबित होगी। अगर, समय से बारिश दस्तक देती है तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, खरीफ की फसलों की समय पर बुआई कर सकेंगे।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के 31 मई के आसपास केरल पहुंचने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी। आईएमडी ने कहा कि इस साल, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 31 मई को केरल पहुंचने का अनुमान है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बुधवार को कहा कि यह जल्दी नहीं है। यह सामान्य तारीख के करीब है क्योंकि केरल में मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख एक जून है।
150 वर्षों में केरल का मानसून
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 150 वर्षों में केरल में मानसून की शुरुआत की तारीख में व्यापक रूप से भिन्नता रही है, जिसके तहत राज्य में मानसून ने सबसे जल्दी 11 मई, 1918 को जबकि सबसे देरी से 18 जून, 1972 को दस्तक दी थी। आंकड़ों के अनुसार, केरल में पिछले साल आठ जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में तीन जून को और 2020 में एक जून को मानसून की शुरुआत हुई थी। पिछले महीने, आईएमडी ने जून से सितंबर तक चलने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया था। जून और जुलाई को कृषि के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानसूनी महीना माना जाता है क्योंकि इस अवधि में खरीफ फसल की अधिकांश बुआई होती है।
