AIIMS Rishikesh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एम्स ऋषिकेश (AIIMS Rishikesh) में देश की पहली निःशुल्क हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा (HEMS) का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह इस तरह की पहली सेवा है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड के दूरदराज और गंभीर क्षेत्रों के दुर्घटना पीड़ितों और रोगियों को ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान तेज़, जीवन रक्षक चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह सेवा पूरी तरह से फ्री है।
फाइल फोटो।
पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
इस सेवा की लॉन्चिंग के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह सेवा तुरंत चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में मदद करेगी। इस पहल को 'संजीवनी योजना' के तहत अन्य स्वास्थ्य सेवा परियोजनाओं के साथ-साथ भारत भर के विभिन्न क्षेत्रों के लिए 12,850 करोड़ रुपये की लागत के साथ लॉन्च किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई एयर एम्बुलेंस सेवा के परिवर्तनकारी प्रभाव इसे दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों के लिए लाइफ लाइन बताया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सड़क एम्बुलेंस के अलावा, इससे अधिक से अधिक लोगों को मदद मिले।
काफी समय से था इंतजार
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड को इसका काफी समय से इंतजार था। इसे 108-एम्बुलेंस नेटवर्क के आधार पर तैयार किया गया है, जो पूरे राज्य से एम्स तक मुफ्त परिवहन प्रदान करेगा। हेलीकॉप्टर सेवा तक आपातकालीन पहुंच की सुविधा के लिए जल्द ही सभी 13 जिलों में आपदा प्रबंधन नियंत्रण केंद्रों से जुड़ा एक टोल-फ्री नंबर शुरू किया जाएगा।
ड्रोन के जरिए भेजे गए नमूने
इसके साथ ही ड्रोन तकनीक रक्त के नमूने एकत्र करने और दूरदराज के स्थानों पर दवाओं की डिलीवरी की सुविधा भी प्रदान करेगी। धामी ने कहा कि हमने परीक्षण के दौरान मात्र 30 मिनट में एम्स ऋषिकेश से टिहरी तक ड्रोन के जरिए दवा पहुंचाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि सरकार किच्छा में एम्स ऋषिकेश सैटेलाइट सेंटर सहित सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की अपनी योजना पर काम कर रही है।
