Jamia Protest: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तीन प्रमुख मांगों पर हाई लेवल कमेटी (HLC) ने अपना जवाब दिया है। कमेटी ने छात्रों से प्रदर्शन खत्म करने और जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMI-SU) के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति को सहयोग देने की अपील की है, ताकि छात्र संघ के चुनाव जल्द कराए जा सकें।
जामिया आंदोलन (फोटो साभार- PTI)
छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्रों की तीन मांगें
छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्रों की मांग थी कि चुनाव की तारीख का तुरंत ऐलान किया जाए। इस पर कमेटी ने कहा कि JMI-SU के संविधान के बिना चुनाव कराना संभव नहीं है। इसके लिए छात्र संघ के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति को 24 घंटे के भीतर अधिसूचित कर दिया गया है। कमेटी का कहना है कि संविधान का मसौदा तैयार होने के बाद ही चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।
जामिया (फोटो साभार- TNN)
अनुशासनात्मक कार्रवाई की होगी समीक्षा
प्रदर्शनकारी छात्रों की दूसरी मांग उनके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेने की थी। इस पर हाई लेवल कमेटी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई की समीक्षा करने को कहा है। इसके संबंध में 24 घंटे के भीतर अधिसूचना जारी की गई, ताकि प्रदर्शनकारी छात्र राहत पाने के लिए आगे की प्रक्रिया अपना सकें। कमेटी ने भरोसा दिलाया है कि छात्रों की शिकायतों पर निष्पक्ष तरीके से विचार किया जाएगा।
सिक्योरिटी एडवाइजर और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग
छात्रों की तीसरी मांग सिक्योरिटी एडवाइजर और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की थी। इस पर कमेटी ने कहा कि छात्रों की ज्यादातर शिकायतें सुरक्षा कर्मचारियों के साथ विवाद से जुड़ी हैं। इसके समाधान के लिए सुरक्षा कर्मचारियों के लिए आचार संहिता (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) बनाने और उन्हें संवेदनशीलता से जुड़े प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया है। ताकि भविष्य में छात्रों और सुरक्षा स्टाफ के बीच टकराव की स्थिति न बने।
छात्रों से प्रदर्शन खत्म करने की अपील
हाई लेवल कमेटी ने छात्रों से प्रदर्शन खत्म करने और मसौदा समिति को सहयोग देने की अपील की है। कमेटी का कहना है कि इससे छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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छात्रों से AIMIM प्रदेश अध्यक्ष ने की मुलाकात
वहीं जामिया में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से AIMIM दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई ने मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हम इन छात्रों के साथ हैं। शोएब जमई ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन का रवैया शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यहां ITBP का क्या काम है, जिसे कैंपस में लगाया गया है। यह मामला सीधा-सीधा जामिया प्रशासन और स्टूडेंट्स के बीच का है। उन्होंने कहा, "ये बीजेपी और RSS का ऑफिस नहीं है, ये यूनिवर्सिटी है। आप क्या डिक्टेटरशिप लाना चाह रहे हैं?"
कैंपस में विवादित नारे लिखे जाने के मामले पर शोएब जमई ने कहा कि इसमें RSS और ABVP के लोगों का हाथ है। उन्होंने मांग की कि सीसीटीवी फुटेज निकलवाया जाए। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस प्रोटेस्ट को डायवर्ट करने के लिए ये सब किया जा रहा है। शरजील इमाम को लेकर पूछे गए सवाल पर शोएब जमई ने कहा, "अदालत में कार्रवाई चल रही है। हमने पहले भी कहा है कि इस वक्त यहां स्टूडेंट्स का मुद्दा है। जामिया में जो डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है, वह गलत है।"
