Himachal Monsoon Update: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में मानसून के कारण मची तबाही के बाद अब आवश्यक सेवाओं को बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बंद सड़कों, बिजली कटौती और पानी की किल्लत में भारी कमी आई है। हालांकि, राहत के इन कदमों के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई से राज्य में मानसून के एक और सक्रिय और खतरनाक दौर का पूर्वानुमान जारी कर दिया है।
19 तारीख से हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट
50 सड़कें अब भी बंद
SEOC की गुरुवार शाम की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में बंद सड़कों की संख्या घटकर 50 रह गई है, जो बुधवार को 53 थी। राहत की बात यह है कि सभी राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) यातायात के लिए पूरी तरह खुले हैं। बिजली-पानी में सुधार: राज्य में बिजली बहाली का काम सबसे तेजी से हुआ है। बुधवार को प्रभावित ट्रांसफार्मर (DTR) की संख्या 158 थी, जो गुरुवार शाम तक घटकर सिर्फ 4 रह गई। इसके अलावा, सभी बाधित पेयजल योजनाएं पूरी तरह बहाल कर दी गई हैं।
बंद सड़कों में सबसे अधिक 28 सड़कें कुल्लू जिले में हैं। इसके बाद मंडी में 14, कांगड़ा में 4, शिमला और ऊना में 2-2, और सिरमौर में 1 सड़क बंद है। कुल्लू के निर्माण, बंजार और मनाली में सड़कें ज्यादा प्रभावित हैं, जबकि बिजली की 4 कटौती भी कुल्लू के बंजार में ही सीमित है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें- तरसाली-फाटा मार्ग पर 100 मीटर गहरी खाई में गिरा ट्रक, दो लोगों की दर्दनाक मौत
19 जुलाई से भारी बारिश की चेतावनी
राहत कार्यों के बीच मौसम विभाग (IMD) के शिमला केंद्र ने राज्य के लिए नई चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 जुलाई से हिमाचल में मानसून फिर से जोर पकड़ेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में 18 जुलाई से हल्की से मध्यम बारिश शुरू होगी, जबकि 19 से 22 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इस दौरान ज्यादातर जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।
हालांकि, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 24 से 30 जुलाई के बीच मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी और अगस्त के पहले पखवाड़े (First Half) में भी बारिश सामान्य रहने की उम्मीद है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों से दूर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
