Himachal Cloud Burst: हिमाचल प्रदेश में आसमान से आफत बरस रही है। बुधवार शाम को पांच जगहों पर बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। जिसके कारण किन्नौर जिले की ऋषि डोगरी घाटी के ऊंचाई वाले इलाके प्रभावित हो गए और सतलुज नदी पर बना पुल जलमग्न हो गया। साथ ही कुछ नागरिक बाढ़ में फंस गए। सेना ने एक घायल समेत 4 लोगों को रेस्क्यू किया है। सेना ने बताया कि यह स्थल सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) के अधीन गंगथांग बरलम की ओर एक सक्रिय सड़क निर्माण क्षेत्र था।
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार बयान में कहा गया है कि किन्नौर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से तत्काल अनुरोध प्राप्त होने पर, सेना ने तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) की एक टुकड़ी को तैनात किया। अंधेरा, तेज धाराओं और दुर्गम इलाके का सामना करते हुए टीम उस स्थान पर पहुंची और नदी के दूर किनारे पर चार नागरिकों को फंसा हुआ पाया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सटीकता से काम करते हुए एचएडीआर टीम ने रात्रिकालीन बचाव कार्यों में सहायता के लिए उस क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था की और फंसे हुए नागरिकों को ऊंचाई वाले और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। टीम ने घायल व्यक्ति को भी निकाला और उसे रेकांग पियो के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया।
पानी कम होने पर फंसे लोगों को भेजा जाएगा घर
सेना ने कहा कि लॉजिस्टिक्स ड्रोन हाई एल्टीट्यूड (एलडीएचए) प्रणाली सहित नयी पीढ़ी के उपकरणों का उपयोग बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के पार आवश्यक वस्तुओं, जैसे खाने-पीने की चीजें और नारियल पानी, को पहुंचाने के लिए किया गया ताकि फंसे हुए लोगों को रात के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं हो सके और उनकी जान बच सके। बयान के अनुसार, बचाए गए नागरिकों को पूह स्थित सैन्य शिविर ले जाया गया। पानी कम होने पर फंसे हुए लोगों को वापस उनके घरों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
(इनपुट - भाषा)
