Hathras Stampede: यूपी के हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई। सत्संग में साकार हरि उर्फ सूरजपाल 'भोले बाबा' प्रवचन दे रहे थे। भगदड़ के बाद बाबा फरार है। वहीं, बाबा को लेकर कई सारे खुलासे हो रहे हैं। बाबा को लेकर एक नया खुलासा हुआ है कि वह आगरा में वर्ष 2000 में गिरफ्तार हो चुके हैं।
फाइल फोटो।
इन मामलों में दर्ज हुआ था मुकदमा
जानकारी के अनुसार, बाबा पर 2(गा)7 और चमत्कारिक उपचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ एक्शन ली गई थी। इस मामले में बाबा समेत सात लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में कोर्ट से सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, मामला ये था कि साकार हरि उर्फ 'भोले बाबा' का कोई संतान नहीं था। उन्होंने एक बच्ची गोद ले रखी थी, जिसे कैंसर था और एक दिन अचानक बेहोश होने के बाद सुबह भोले बाबा के अनुयायियों ने कहा कि भोले बाबा उसको ठीक करेंगे। अचानक कुछ देर बाद वह होश में आई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
इसके बाद शव को मल्ल का चबूतरा श्मशान घाट ले जाया गया था, लेकिन उनके अनुयाई इस बात पर अड़ गए थे कि भोले बाबा आएंगे और बच्ची को जिंदा करेंगे चार थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा था और अनुयायियों पर लाठीचार्ज के बाद साकार हरि उर्फ भोले बाबा को गिरफ्तार कर लिया गया था।
साक्ष्य के आभाव में हुए थे बरी
पुलिस ने अपनी तरफ से मुकदमा लिखते हुए कार्रवाई की थी, लेकिन साक्ष के अभाव में कोर्ट से सूरजपाल साकार हरि उर्फ भोले बाबा समेत सात लोग बरी हो गए थे इस मामले में पुलिस की तरफ से सन 2000 में ही एफआईआर लग चुकी है।
