Haryana News: हरियाणा को ड्रोन निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से रूस की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में आधुनिक ड्रोन निर्माण, विदेशी निवेश आकर्षित करने, नई तकनीकों के ट्रांसफर और भारत-रूस के बीच औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
ड्रोन इंडस्ट्री में हरियाणा की बड़ी उड़ान की तैयारी
तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद
इस पहल से हरियाणा के तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। बैठक में हरियाणा में दो बड़ी तकनीकी परियोजनाओं के लिए सहयोग की संभावनाएं सामने आईं। इनमें हेलीकॉप्टर ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और बिना GPS के संचालित होने में सक्षम ड्रोन तकनीक शामिल है। इन परियोजनाओं के जरिए अत्याधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में हरियाणा की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
सिसाय में ड्रोन सिटी परियोजना को मिलेगा बढ़ावा
हरियाणा के सिसाय में 9 सितंबर 2025 को ड्रोन सिटी परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। अब यह परियोजना संचालन के चरण में पहुंच चुकी है और वैश्विक ड्रोन कंपनियों के साथ साझेदारी के लिए तैयार बताई जा रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश में ड्रोन निर्माण से जुड़ा औद्योगिक ढांचा विकसित करना और आधुनिक तकनीक पर आधारित कंपनियों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। इस परियोजना को प्रोत्साहित करने के लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड के माध्यम से 58.51 करोड़ रुपये का विशेष प्रोत्साहन पैकेज स्वीकृत किया गया है। इस आर्थिक सहायता से परियोजना के विस्तार और निवेश संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
ड्रोन निर्माण और संबंधित तकनीकी उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इस पहल के तहत लगभग 800 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। इससे तकनीकी कौशल रखने वाले युवाओं को नए अवसर मिल सकते हैं। भारत और रूस के बीच प्रस्तावित औद्योगिक सहयोग हरियाणा में आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य को वैश्विक ड्रोन उद्योग में पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
