गुरुग्राम के गांव अलियर में सड़क किनारे मिले शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली जानकारी निकल कर सामने आई है। गांव के एक पीजी में रहने वाले 20 वर्षीय लीलाधर की मौत गांव में ही चल रहे एक क्लीनिक में इलाज के दौरान हुई थी। मृतक को बुखार था। जिसके इलाज के लिए वह 26 सितंबर की शाम इस क्लीनिक में गया था।
प्रतीकात्मक फोटो
जहां पर क्लीनिक के संचालक डॉ. फईम ने मरीज का इलाज सही से नहीं किया और लीलाधर की मौत हो गई। यह बात किसी को पता न चले, इसलिए आरोपी डॉक्टर ने अपने एक कर्मचारी के साथ मिलकर शव को सड़क के किनारे फेंक दिया।
सड़क किनारे 27 सितंबर को शव मिलने के बाद से गुरुग्राम पुलिस जांच में जुटी थी। जांच के दौरान एक सीसीटीवी कैमरे में ये आरोपी शव ले जाते नजर आ रहे है। जिसके बाद आईएमटी मानेसर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मृतक के चाचा रामावतार ने शिकायत दर्ज कराई थी। मृतक लीलाधर मूल रूप से राजस्थान के चुरू जिले में गांव चांदवा का रहने वाला था। यहां पर किराए के मकान में रहकर एक ऑटोमोबाइल कंपनी में काम करता था।
