E-Kshatipurti Portal : हरियाणा के किसानों के लिए गुरुवार को एक खुशखबरी है। दरअसल, अब यहां के किसानों को बारिश और ओले से खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि आज से ही सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने का निर्णय लिया है। बताया गया है कि, जो सशंकित किसान इस असमंजस में हैं कि उनका वेरिपिफकेशन सही हुआ या नहीं तो वे भी अब अपनी शिकायत जल्द से जल्द दर्ज करा सकेंगे। ये बात भी सामने आई है कि, यदि सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाई गई तो उक्त किसान को लंबित मुआवजा अविलंब उपलब्ध कराया जाएगा। गौरतलब है कि, प्रदेश के तकरीबन 67 हजार किसान अब तक 181 करोड़ 1रुपये मुाअवजे की रकम खाते में प्राप्त कर चुके हैं।
शुरू हुआ ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल। (सांकेतिक फोटो)
दुष्यंत चौटाला ने क्या कहा
हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि, कोई भी किसी नुकसान नहीं झेलेगा। सरकार ने जमीन में साझेदारी पर भी राहत देने का ऐलान किया है। वहीं, ये भी तय किया गया है कि, यदि किसी एकड़ में 100 साझेदार हैं तो कम से कम 500 रुपये का मुआवजा तो दिया ही जाएगा।
2.09 लाख एकड़ की फसल हुई थी प्रभावित
इस बार बेमौसम हुई बरसात में बड़ी पैमाने पर फसालें प्रभावित हुई थीं। बताया गया है कि, 18 जिलों में 2.09 लाख एकड़ की फसल नष्ट हुई थी। गेहूं, सरसों और तरोई की फसलों के लिए का नुकसान भी बड़े पैमाने पर हुआ था। जिसे देखते हुए 67,758 किसानों को 181 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।
CM खट्टर ने किया था दौरा
बारिश के बाद किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। उस समय मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और कृषि मंत्री जेपी दलाल नुकसान का आकलन करने के लिए गांवों में पहुंचे थे। उन्होंने किसानों से मिलकर मुआवजे का आश्वासन दिलाया था और मई के महीन में राशि जारी करने की बात कही थी। गौरतलब है कि, सीएम ने वादा निभाते हुए किसानों को मुआवजा राशि समय से दी, जो कि बैंक खाते में आई। इससे पहले उपायुक्तों के माध्यम से मुआवजा दिया जाता था।
