रक्षाबंधन के मौके पर गुजरात की अलग-अलग जेलों में शुक्रवार को भावुक कर देने वाले दृश्य देखने को मिले। अहमदाबाद, जामनगर, राजकोट, वडोदरा और सूरत समेत राज्य की विभिन्न जेलों में बहनें अपने कैदी भाइयों से मिलने पहुंचीं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मुंह मीठा कराया और उनके बेहतर भविष्य की कामना की। लंबे समय बाद भाई को सामने देखकर कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े, वहीं कई कैदी भाई भी भावुक हो गए।
कैदी भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी
साबरमती सेंट्रल जेल में 3 हजार से ज्यादा कैदियों को राखी
अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल में सुबह से ही रक्षाबंधन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई थी। सुबह 8 बजे से शुरू हुआ राखी बांधने का कार्यक्रम दोपहर 3 बजे तक चला। जिन बहनों ने पहले से पंजीकरण कराया था, उन्हें ही जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। बहनों की सुविधा के लिए अलग-अलग टेबल लगाए गए थे। साबरमती की दोनों जेलों में 3 हजार से ज्यादा कैदियों को बहनों ने राखी बांधी।
हत्या, चोरी, लूट और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में सजा काट रहे कई कैदियों के लिए यह मुलाकात लंबे समय बाद परिवार से मिलने का मौका थी। राखी बांधने के दौरान कई भाइयों की आंखों में आंसू आ गए। वहीं, अपने भाइयों को सामने देखकर बहनें भी भावुक हो गईं। बहनों ने भाइयों से अपील की कि सजा पूरी होने के बाद वे अपराध की दुनिया से दूर रहकर नई जिंदगी शुरू करें। कई कैदियों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि जेल से बाहर निकलने के बाद वे दोबारा किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगे और परिवार के साथ सामान्य जीवन जीने की कोशिश करेंगे।
जामनगर जिला जेल के बाहर सुबह से लगी कतार
जामनगर जिला जेल में भी रक्षाबंधन को लेकर सुबह से ही बहनों की कतार लगी रही। परिजनों के साथ पहुंची बहनों ने जेल में जाकर अपने कैदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, उनका मुंह मीठा कराया और आशीर्वाद दिया।
भाई-बहन के इस भावुक मिलन के दौरान कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। लंबे समय बाद भाई को गले लगाने और माथा छूकर आशीर्वाद देने का मौका मिलने से कई परिवार भावुक हो गए। परिजनों के साथ जेल पहुंची बहनों के लिए यह रक्षाबंधन का पल बेहद खास रहा। जेल की पाबंदियों के बीच परिवार के साथ मिले ये कुछ पल उनके लिए भावनाओं से भरे रहे।
राजकोट, वडोदरा और सूरत की जेलों में भी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर राजकोट सेंट्रल जेल, वडोदरा सेंट्रल जेल और सूरत सेंट्रल जेल समेत गुजरात की अन्य जेलों में भी बहनों ने अपने कैदी भाइयों को राखी बांधी। अलग-अलग जेलों में बहनों और परिजनों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके अच्छे भविष्य की कामना की और उन्हें अपराध से दूर रहने की सलाह दी। गुजरात की जेलों में रक्षाबंधन का यह आयोजन सिर्फ एक त्योहार की रस्म तक सीमित नहीं रहा। लंबे समय बाद परिवार से मिले कैदियों के लिए यह भावनात्मक जुड़ाव और नई शुरुआत की उम्मीद का भी मौका बना।
