गांधीनगर : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 31 जुलाई से 2 अगस्त तक गुजरात के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC), गांधीनगर में अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) डॉ. जयंति रवि की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, भावनगर, भरूच, आनंद, नर्मदा, तापी, डांग, छोटाउदेपुर, पंचमहल, दाहोद और महीसागर जिलों के कलेक्टरों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई।
गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट
प्रभावित जिलों के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द
डॉ. जयंति रवि ने प्रभावित जिलों के अधिकारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों में 24x7 कंट्रोल रूम संचालित करने और चौबीसों घंटे निगरानी के लिए एक क्लास-1 अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। संवेदनशील और निचले इलाकों में जरूरत पड़ने पर NDRF और SDRF की टीमों को तत्काल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।
राहत शिविर और निकासी की तैयारी
प्रशासन को निचले और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। डॉ. जयंति रवि ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित जिला कलेक्टर स्कूलों और आंगनवाड़ियों में अवकाश घोषित करने का निर्णय ले सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को बारिश की स्थिति और प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कदमों की नियमित जानकारी मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए।
राहत आयुक्त की लोगों से अपील
राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत जरूरी काम के बिना घर से बाहर न निकलें। उन्होंने बताया कि राज्यभर में खतरनाक होर्डिंग्स, बैनर और साइनबोर्ड हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जर्जर इमारतों और असुरक्षित संरचनाओं को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार पूरे राज्य का प्रशासनिक तंत्र फिलहाल अलर्ट मोड पर रखा गया है।
भारी बारिश को लेकर गुजरात पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए गुजरात पुलिस ने भी व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस महानिदेशक ज्ञानेंद्र सिंह मलिक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें सभी शहरों के पुलिस आयुक्तों, जिला पुलिस अधीक्षकों और रेंज अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
NDRF और SDRF के साथ संयुक्त बचाव अभियान
पुलिस को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नावों और अन्य आवश्यक उपकरणों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। NDRF और SDRF के साथ समन्वय स्थापित कर स्थानीय पुलिस को भी संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल किया गया है।
जिला प्रशासन, नगर निगम, वन विभाग, सड़क एवं भवन विभाग और बिजली कंपनियों के साथ मिलकर निचले इलाकों से लोगों के साथ-साथ पशुधन को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए संयुक्त इवैक्यूएशन प्लान तैयार किया गया है।
ट्रैफिक और जनसुरक्षा पर विशेष फोकस
राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। खराब या फंसे हुए वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की व्यवस्था की गई है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग भी तय किए गए हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए लोगों को नदियों, नालों, जर्जर इमारतों और बिजली के खंभों से दूर रहने की लगातार सलाह दी जा रही है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, बिजली और विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
24 घंटे निगरानी जारी
सभी जिला कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और वे गांधीनगर स्थित स्टेट कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क में हैं। आपात स्थिति में संचार व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए VHF, HF और ROIP संचार प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। पुलिस, होमगार्ड, GRD, TRB और फायर सर्विस के जवानों को संवेदनशील स्थानों पर पहले से तैनात कर दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने अगले 24 से 48 घंटों तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा मानव जीवन और पशुधन की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
