Ahmedabad Heavy Rain: अहमदाबाद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में एसजी हाईवे स्थित कर्णावती क्लब के आसपास का क्षेत्र और बोपल शामिल हैं, जहां कमर तक पानी भर जाने के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
जलभराव वाले इलाकों में पहुंचे सीएम भूपेंद्र पटेल
राहत-बचाव कार्यों के लिए पहुंची सेना
ऐसे में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य के लिए भारतीय सेना को बुलाया गया। सेना के पांच ट्रकों में 50 से अधिक जवान मौके पर पहुंचे और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान शुरू किया। बारिश का असर शहर के पॉश इलाकों पर भी साफ दिखाई दिया।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
बताया जा रहा है कि कई लक्जरी कारें और अन्य वाहन जलभराव में फंस गए, जबकि सड़कें पानी में डूब जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस बीच, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार सुबह बाढ़ प्रभावित बोपल क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल, अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट और राज्य व नगर प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने दिए अधिकारियों को क्या निर्देश?
मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया और प्रभावित नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत, बचाव और जल निकासी कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव अभियान को और तेज किया जाए तथा आवश्यक मानवबल, मशीनरी और संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके। प्रशासन लगातार जल निकासी, बचाव और राहत कार्य में जुटा हुआ है, जबकि प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दक्षिण गुजरात में राहत-बचाव अभियान अंतिम चरण में
वहीं दक्षिण गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। राज्य सरकार ने अब प्रभावित लोगों के पुनर्वास, सहायता वितरण और बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर हालात का जायजा लिया और आगामी दिनों में संभावित भारी बारिश को देखते हुए सभी जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
3 से 4 दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के दौरान मध्य गुजरात, उत्तर गुजरात, अहमदाबाद और सुरेंद्रनगर समेत कई क्षेत्रों में व्यापक और भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन को पहले से सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है। सरकार के अनुसार, अब तक राज्य में 40,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 6,367 लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है। बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वलसाड में अब तक सामान्य वार्षिक औसत का 90.98 प्रतिशत और नवसारी में 95.13 प्रतिशत वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
राज्यभर में राहत कार्यों के लिए टीमें तैनात
राज्यभर में राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ की 17, एसडीआरएफ की 32 टीमों के साथ भारतीय सेना की छह टुकड़ियां भी तैनात हैं। प्रभावित परिवारों को कैश डोल और घरेलू सामान सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वलसाड जिले में सहायता वितरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। बुनियादी ढांचे को सामान्य बनाने के लिए तेजी से काम जारी है। अब तक 365 सड़कें दोबारा चालू कर दी गई हैं। इस कार्य में 225 जेसीबी, 1,500 से अधिक मशीनें और 1,500 से ज्यादा कर्मचारी जुटे हुए हैं।
इसी तरह बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए 350 बिजली टीमों और 1,000 से अधिक कर्मचारियों को युद्ध स्तर पर लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संभावित संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए विशेष स्वच्छता और सैनिटेशन अभियान तत्काल चलाया जाए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का खतरा न उत्पन्न हो।
