Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने ग्रेटर नोएडा में माल ढुलाई और पैसेंजर ट्रैफिक को अलग करने के लिए एक अहम प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे से संपर्क बेहतर बनाने के लिए हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा में माल ढुलाई और यात्रियों के लिए होंगी अलग-अलग सड़कें
इस प्रस्ताव पर कल यानी सोमवार 8 सितंबर को लखनऊ में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा की गई। मंत्री के कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बैठक में औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार भी मौजूद थे।
GNIDA अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस सड़क से नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच की दूरी लगभग 30 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। बयान में कहा गया कि लगभग 15 किलोमीटर तक संपर्क मार्ग का विस्तार करने से ग्रेटर नोएडा को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
प्राधिकरण ने 'मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब' (MMLH) से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक छह लेन की एलिवेटेड सड़क बनाने का भी प्रस्ताव दिया है। बयान के मुताबिक, वैस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर बनाई जाने वाली यह प्रस्तावित सड़क विशेष रूप से माल ढुलाई के लिए होगी और हवाई अड्डे से जुड़ेगी। इससे 'लॉजिस्टिक हब' से सामान सीधे हवाई माल टर्मिनल तक पहुंचाया जा सकेगा।
इसमें कहा गया कि MMLH और 'मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब' (MMTH) ग्रेटर नोएडा की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं। इनसे माल ढुलाई को सुगम बनाने तथा 'लॉजिस्टिक हब' और हवाई अड्डे के बीच ट्रैफिक मूवमेंट बेहतर होने की उम्मीद है।
बता दें कि ये प्रस्ताव माल ढुलाई और यात्री यातायात को अलग करने के लिए 'ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान 2041' में संशोधन करने की योजना का हिस्सा हैं। - भाषा
