सड़क हादसों के कारण देश में हर साल हजारों लोगों की जान चली जाती है। ज्यादार सड़क दुर्घटनाएं किसी न किसी की लापरवाही से होती हैं। कई बार किसी अन्य की गलती के चलते सड़क दुर्घटना में लोगों मारे जाते हैं तो कई बार दुर्घटना के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समाजिक तौर पर हमें पहल करनी होगी। ऐसा ही कुछ किया गया है दिल्ली से सटे एनसीआर के प्रमुख शहर ग्रेटर नोएडा में। यहां पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नोएडा एंटरप्रेन्योर्स संगठन (NEA) ने एक अहम कदम उठाया है।
हेल्मेट के बिना फैक्टरी में एंट्री नहीं
बिना हेलमेट आने पर काम नहीं
NEA ने गौतमबुद्ध नगर जिले में कारोबारियों को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उनसे कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी या श्रमिक स्कूटर-मोटरसाइकिल यानी दो-पहिया वाहन पर बिना हेलमेट लगाए आता है तो उसे फैक्टरी में एंट्री न दिया जाए।
एक दिन की सैलरी भी कटेगी
यही नहीं NEA ने कारोबारियों को लिखी चिट्ठी में कहा है कि बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन पर आने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों की एक दिन की सैलरी भी काट ली जाए। यानी बिना हेलमेट के सड़क पर भले ही चालान कटे या न कटे, फैक्टरी में सैलरी कटना तय है।
ज्ञात हो कि नोएडा में लगभग 5000 रजिस्टर्ड MSME इंडस्ट्री हैं, जिनमें 14 लाख से ज्यादा श्रमिक काम करते हैं। बड़ी बात यह है कि इनमें से 3600 कंपनियां NEA की सदस्य हैं। यानी अगर NEA की चिट्ठी पर गंभीरता से अमल किया गया तो जिले में बिना हेलमेट दोहपिया वाहनों की संख्या में बड़ी कमी देखने को मिल सकती है।
गार्ड्स को मिली बड़ी जिम्मेदारी
दोपहिया वाहन पर आने वाले श्रमिक और कर्मचारी हेलमट पहनकर ही आएं, इसकी जिम्मेदारी फैक्टरी के गार्ड की होगी। गार्ड्स को जांच करनी होगी कि श्रमिक हेल्मेट पहनकर ही दोपहिया वाहन की सवारी करें। NEA के अध्यक्ष विपिन मल्हन के अनुसार लोगों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि वह सड़कों पर सुरक्षित चल सकें और सुरक्षित घर पहुंच सकें।
