Delhi Air Pollution News: दिल्ली में सर्दियां आते ही वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है। इससे निपटने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने अभी से कमर कस ली है। सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदूषण को रोकने के लिए सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे NCR में सख्ती बढ़ाई जाएगी। इसी कड़ी में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने रविवार को NCR के शहरों नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ के वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण और GRAP को सख्ती से लागू करने पर चर्चा हुई।
दिल्ली प्रदूषण (फोटो साभार- PTI)
NCR बॉर्डर पर जाम और धुएं पर लगेगी लगाम
बैठक में तय किया गया कि दिल्ली-NCR बॉर्डर और जाम वाले इलाकों में ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती होगी। अक्सर बॉर्डर पर लगने वाले लंबे जाम से वाहनों का धुआं प्रदूषण बढ़ाता है। इसे रोकने के लिए ट्रैफिक को सुचारु किया जाएगा। प्रदूषण फैलाते दिखने वाले वाहनों को रोककर चालान, वाहन जब्त करने और अधिकतम जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई होगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि अभी भी ट्रैफिक और प्रदूषण नियम तोड़ने पर रोजाना 10 हजार से ज्यादा चालान किए जा रहे हैं। अब NCR बॉर्डर पर ही ऐसे वाहनों की पहचान कर रियल टाइम में जानकारी साझा की जाएगी।
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इन बसों की दिल्ली में एंट्री बैन
दूसरे राज्यों से आने वाली बसों पर भी शिकंजा कसेगा। नियम के मुताबिक, अब सिर्फ इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI मानक वाली डीजल बसों को ही दिल्ली-NCR में चलने की अनुमति होगी। इससे पुरानी डीजल बसों की एंट्री बंद हो जाएगी। बॉर्डर चेक पोस्ट पर बैनर और डिस्प्ले बोर्ड लगाकर बस ऑपरेटरों को नियमों की जानकारी दी जाएगी। वहीं, जिन ट्रकों को दिल्ली नहीं आना है, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से डायवर्ट किया जाएगा, ताकि दिल्ली में अनावश्यक भारी वाहनों का दबाव कम हो। 10 और 15 साल से पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर लगे बैन को भी सख्ती से लागू किया जाएगा।
धूल पर भी वार
सिर्फ वाहन ही नहीं, सड़क की धूल भी प्रदूषण की बड़ी वजह है। इसके लिए दिल्ली में पानी का छिड़काव, मैकेनिकल स्वीपिंग और सफाई अभियान तेज किया जाएगा। सर्दियों में GRAP और विंटर एक्शन प्लान लागू होते ही जिला स्तर पर प्रवर्तन टीमों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा, "वायु प्रदूषण सिर्फ दिल्ली की नहीं, पूरे NCR की समस्या है। बॉर्डर प्रबंधन, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई और स्वच्छ पब्लिक ट्रांसपोर्ट हमारी शीतकालीन रणनीति का मुख्य हिस्सा है।"
